नोएडा। एक जिला एक परमिट प्रणाली लागू होने में अब केवल दो चरण बाकी हैं। गौतमबुद्ध नगर में यह व्यवस्था शुरू होते ही उत्तर प्रदेश का पहला जिला बन जाएगा जहां दिल्ली की तरह ऑटो रिक्शों के लिए एकीकृत परमिट मिलेगा। परिवहन आयुक्त द्वारा भेजे गए पत्र पर फिलहाल शासन की स्वीकृति का इंतजार है, जिसके बाद एसटीए (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जिले में इस समय 25 हजार से अधिक ऑटो संचालित हैं, जिन्हें तय रूट के अनुसार परमिट जारी किए गए हैं। इन ऑटो को निर्धारित मार्ग से हटकर संचालन की अनुमति नहीं है।
नोएडा के हर क्षेत्र में ऑटो सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की तैयारी चल रही है। ऑटो चालकों की यूनियन पहले ही “एक जिला एक परमिट” योजना लागू करने की मांग कर चुकी है। इस प्रस्ताव के समर्थन में सबसे पहले उपसंभागीय परिवहन अधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी और परिवहन आयुक्त ने सरकार को पत्र भेजा है। शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद एसटीए की बैठक में इस योजना को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। फिलहाल 16-16 किलोमीटर लंबे रूट पर ही ऑटो के परमिट जारी किए गए हैं।
ऐसे में सेक्टर-59 से सूरजपुर जाने वाले यात्रियों को बीच में दो बार ऑटो बदलना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चालक सीधे सूरजपुर तक जा सकेंगे। साथ ही, ऑटो की फिटनेस और मीटर प्रणाली को सुनिश्चित करने पर भी बल दिया जा रहा है। शहर में चल रहे 70 प्रतिशत से अधिक ऑटो में मीटर नहीं लगे हैं। ट्रैफिक दबाव या जाम की स्थिति में चालक यात्रियों से मनमाने किराए वसूलते हैं।
गौतमबुद्ध नगर जिले के एआरटीओ डॉ. सिरायाम वर्मा ने बताया कि शहर की जरूरतों और ऑटो चालकों की मांग को देखते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उद्देश्य यह है कि लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को बीच में ऑटो बदलने की परेशानी न झेलनी पड़े। इस योजना को अंतिम स्वीकृति शासन और एसटीए से मिलेगी।








