मुंबई: इस समय ताम्बा यानी Copper एक नया कीर्तिमान बना रहा है। रिटर्न को देखें तो पिछले छह महीने में इसने सोना और चांदी जैसी कीमती धातु को पीछे छोड़ दिया है। इसी सप्ताह मंगलवार को लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर ने एक नया ऑल-टाइम हाई बनाया। यह तीन महीने के फ्यूचर्स ऑफिशियल ट्रेडिंग में 14,703 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के रिकॉर्ड और जनवरी के पीक से भी ऊपर है। कॉपर की इस चाल से भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड (एनएसई: वीडीएल, बीएसई: 500295) और इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियां उत्साहित हैं।
सोने-चांदी को भी पछाड़ा
आप यदि छह महीने पहले यानी इस साल मार्च की बात करें तो MCX पर उस समय कॉपर की औसत कीमत Per KG करीब 1,200 रुपये थी। इस समय इसका औसत रेट 1,415 रुपये है। मतलब कि इस धातु ने छह महीने में ही करीब 18 फीसदी का रिटर्न दे दिया है। सोना का देखें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज या एमसीएक्स पर छह महीने पहले 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम करीब 1.60 लाख रुपये था। यह अभी यह करीब 1.52 लाख रुपये है। ऐसे में इसमें चार फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट आई है। इसी तरह चांदी को भी देखें तो इसने भी बीते छह महीने में निराश ही किया है। इस साल मार्च में एमसीएक्स पर चांदी की कीमत प्रति किलो करीब 2.65 लाख रुपये थी। अभी यह करीब 2.33 है। ऐसे में इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है।
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वेदांता के लिए मौका
Vedanta Limited के लिए, यह मायने रखता है। क्योंकि इसके कॉपर बिजनेस में पहले से ही ज्यादा वॉल्यूम है। इस समय इसके रॉड जैसे तैयार प्रोडक्ट्स से आने वाली वैल्यू का बढ़ता हिस्सा देखा जा रहा है। यह वेदांता लिमिटेड को कॉपर की तेजी के लिए एक सीधा ऑपरेटिंग लिंक देता है। क्योंकि इस समय बड़े मार्केट में खदान से आपूर्ति कम हो रही है। दूसरी तरफ टैरिफ-ड्रिवन ट्रेड फ्लो और इलेक्ट्रिफिकेशन, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल्स और एआई डेटा सेंटर्स से इस धातु की मांग खूब बढ़ रही है।
दाम बढ़े तब भी मांग बढ़े
कॉपर की बात एक हफ्ते की प्राइस एक्शन के बाद भी खत्म नहीं होती है। साल 2022 में ग्लोबल रिफाइंड कॉपर की मांग लगभग 24.8 मिलियन टन थी और 2030 तक इसके 30 मिलियन टन से ज्यादा होने का अनुमान है। वेदांता लिमिटेड की योजना के मुताबिक साल 2040 तक मांग 40 फीसदी बढ़ जाएगी। इस अनुमान के पीछे यह सच्चाई है कि डेटा सेंटर, रिन्यूएबल प्रोजेक्ट और इलेक्ट्रिक व्हीकल, सभी में पारंपरिक विकल्पों की तुलना में काफी ज्यादा कॉपर का इस्तेमाल होता है।
बढ़ रही है बिक्री
कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार वेदांता लिमिटेड का कॉपर बिजनेस अब सिर्फ कॉपर की कीमत के बजाय इस पर ज्यादा ध्यान दे रहा है कि वह क्या और कितना बेच सकता है। कंपनी ने आठ सालों में पहली बार वित्तीय वर्ष 27 की पहली तिमाही में सबसे ज्यादा पहली तिमाही की बिक्री 53,000 टन दर्ज की जो 3 फीसदी सालाना की दर से बढ़ी है। साथ ही इसी समय में कंपनी ने पहली तिमाही का सबसे अधिक रॉड प्रोडक्शन भी दर्ज किया। कॉपर EBITDA 8.9 मिलियन डॉलर था, जिसकी औसत कीमत 13,329 डॉलर प्रति टन थी।
शेयर की क्या है चाल
भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026, को भारी गिरावट है। सुबह पौने दस बजे बीएसई सेंसेक्स 646 अंक जबकि एनएसई निफ्टी50 236 अंक नीचे था। जाहिर है कि इसका असर वेदांता लिमिटेड के शेयर पर भी पड़ना था। इस समय एनएसई में वेदांता के शेयर 261.10 रुपये पर ट्रेड हो रहे थे जो कि कल के मुकाबले 5.05 रुपये या 1.88 फीसदी नीचे था।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट
वेदांता लिमिटेड पर Nuvama ने बॉय की रेटिंग दी है। इस फर्म ने इस शेयर का टार्गेट प्राइस 333 रुपये दिया है। वहीं Emkay ने भी बॉय को मेंटेन किया है। इसने इस शेयर का टार्गेट प्राइस 350 रुपये दिया है।







