लखनऊ। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को यकीन है कि अगर समाजवादी पार्टी के साथ अच्छा गठबंधन हो गया तो उत्तर प्रदेश में इनके के लिए बहुत बेहतर संभावनाएं हैं। वहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए उम्मीदवार तय करने में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके के रास्ते पर चलने का संकेत दिया है।
‘यूपी में अच्छा गठबंधन हुआ तो बहुत संभावनाएं’
सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘..अगर समाजवादी पार्टी के साथ अच्छा और ठीक-ठाक गठबंधन हो जाता है तो उत्तर प्रदेश में बहुत कुछ होने की संभावनाएं हैं। अभी से यहां बैठकर यह अनुमान लगाना कि हम जीतेंगे और ये हार जाएंगे और यह कि ये-ये नहीं जीतेंगे आदि…यह बहुत ही जल्दबाजी होगी….।’
यूपी में हमारे पास हालात बदलने का मौका
उन्होंने सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इस इंटरव्यू में आगे कहा, ‘..क्योंकि हमें बहुत सारा काम करना है, जमीनी स्तर पर हमें अपने लिए बहुत सारे काम हैं और गठबंधन में एकसाथ आने के लिए बहुत सारे काम करने होंगे। अहम ये है कि हमारा ठीक-ठाक गठबंधन हो गया; और अगर सही में पूरी प्रतिबद्धता के साथ गठबंधन में दोनों की ही भागीदारी झलकती है, तो उत्तर प्रदेश में हमारे पास हालात बदलने का बहुत अच्छा मौका है…..।’
विजय की टीवीके की रणनीति अपाएगी कांग्रेस!
ब कांग्रेस नेता से यह सवाल किया गया कि कई नेता कहते हैं कि कांग्रेस को यूपी में ज्यादा सीटें चाहिए, जबकि उसके पास चुनाव लड़ने लायक उम्मीदवार भी नहीं हैं तो इसे सलमान खुर्शीद यह कहकर टाल गए कि पार्टी को इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने इसके लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की चुनावी रणनीति का हवाला दे दिया।
…तमिलनाडु में विजय की पार्टी (टीवीके) के उम्मीदवार कहां से आए? कहां से आ गए..उन्हें कोई नहीं जानता था। लेकिन, क्या वे नहीं जीते? जब कोई मूवमेंट होता है तो उम्मीदवार उभरते हैं, आ जाते हैं। अगर आपके पास पार्टी के लिए जनता का कोई बड़ा मुद्दा है तो यह कोई समस्या नहीं है।
सलमान खुर्शीद, कांग्रेस नेता
यूपी में कांग्रेस-समाजवादी पार्टी गठबंधन का इतिहास
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी यूपी में 2017 का विधानसभा चुनाव साथ में लड़ी।
2017 में गठबंधन में चुनाव लड़कर भी कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटें मिलीं और सपा 47 सीटों पर सिमट गई थी।
2022 के विधानसभा चुनावों में दोनों का कोई सीधा गठबंधन नहीं हो पाया।
2022 में समाजवादी पार्टी को 111 सीटों पर जीत मिली और कांग्रेस 2 सीटें जीतकर किसी तरह से अपना खाता खोल पायी।
फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में दोनों दलों के बीच दोबारा से गठबंधन हो गया।
2024 के लोकसभा चुनावों में इस गठबंधन को जबरदस्त कामयाबी मिली।
80 सीटों में से समाजवादी पार्टी 37 सीटें जीत गई और कांग्रेस के भी 6 सांसद दिल्ली पहुंच गए।







