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मीनाक्षी नटराजन मामले में कांग्रेस का बड़ा फैसला, बना ली रणनीति, अब सिर्फ EC के फैसले का इंतजार

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद अब पार्टी कानूनी रुख अख्तियार करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष आवेदन के संदर्भ में फैसले के बाद अगर मीनाक्षी नटराजन को राहत नहीं मिली तो पार्टी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का रुख कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा सांसद और वकील विवेक तनखा और उनकी टीम, मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने के मामले में इंदौर हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है, वहीं, अभिषेक मनु सिंघवी की कानूनी टीम और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी भी इस मामले में कानूनी विकल्पों पर रणनीति बना चुकी है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में मंगलवार, 9 जून को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि यह अब ‘वोट चोरी’ का मामला नहीं रहा, बल्कि ‘सीट चोरी’ का मामला बन गया है।
क्या है पूरा मामला? राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने जारी एक आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फार्म 26 में ‘उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है।

मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने  बताया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।

 

कांग्रेस सांसद ने आयोग पर उठाए सवाल

 

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा मीनाक्षी नटराजन (राज्यसभा) के नॉमिनेशन का खारिज होना भारत के चुनाव आयोग के रवैये को दिखाता है, जो केंद्र सरकार और बीजेपी के हाथों की कठपुतली बना हुआ है. देखिए, मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन किस तरह खारिज किया गया। चुनाव आयोग, जिसे लोकतंत्र का रक्षक होना चाहिए, वह लोकतंत्र को खत्म करने के लिए विलेन की भूमिका निभा रहा है. अगर कांग्रेस नेता कल रात धरना न देते, तो चुनाव आयोग कांग्रेस को अपनी बात रखने का मौका नहीं देता। हम झुकने वाले नहीं हैं. हम न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और राजनीतिक, दोनों तरह से लड़ेंगे। वहीं दिल्ली कांग्रेस के 10 नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें सांसद के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और मीनाक्षी नटराजन शामिल हैं, आज दोपहर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा।

इन सबके बीच कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी अब तक वोट चोरी कर रही थी और अब भारतीय जनता पार्टी सीट चोरी भी करने लग गई है. झूठ, छल, कपट, प्रपंच और निर्लज्जता इनसे भी बीजेपी और उनके लोग नीचे उतर आए हैं. जिस तरीके से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किया है, वह अपने आप में बीजेपी के भी उन लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं की भी आंखें खोल देने वाला है। उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है।

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