दिल्ली में 20 दिसंबर युवा कांग्रेस ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के नाम बदलने और इसे कमजोर करने के प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ संसद के पास रायसीना रोड पर होर्डिंग लगाए। इन होर्डिंग्स पर लिखा था – “नाम मिटा सकते हो, विरासत नहीं” और “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अमर रहें”।
विरोध का कारण
केंद्र सरकार 20 साल पुराने मनरेगा कानून को बदलने के लिए नया विधेयक ला रही है, जिसमें इसका नाम बदलना और कानून को कमजोर करना शामिल है। कांग्रेस का आरोप है कि यह महात्मा गांधी की विरासत पर हमला है, जो करोड़ों गरीब और मजदूर परिवारों की आजीविका का आधार है। वे इसे नाथूराम गोडसे और आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित घृणा राजनीति बताते हैं, जबकि बेरोजगारी बढ़ रही है।
दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा, “मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों की रीढ़ है। इसे कमजोर करना जनहित पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने जोड़ा, “गांधीजी का सपना था कि कोई नागरिक दुख न सहे और हर हाथ को काम मिले; मोदी सरकार इसे खत्म करने की साजिश रच रही है।”








