उत्तराखंड में फिर बदलेगा सीएम, बीजेपी की बंपर जीत लेकिन धामी हारे

द न्यूज 15

देहरादून । उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की बहुमत के साथ जीत हो रही है। यह उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि कोई पार्टी लगातार दूसरी बार प्रदेश में सरकार बनाएगी। लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथ निराशा लगी है। खटीमा विधानसभा सीट से धामी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनको कांग्रेस के भुवन कापड़ी ने छह हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। इसके बाद अब फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बदले जाएंगे।
भुवन चंद कापड़ी युवा नेता हैं और उत्तराखंड के कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। युवाओं के बीच लोकप्रिय भुवन चंद कापड़ी उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी के पद पर भी रह चुके हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में पुष्कर सिंह धामी को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन महज 2709 वोट से हारे गए थे। भुवन कापड़ी को 26,830 वोट मिले थे, जबकि पुष्कर सिंह धामी को 29,539 वोट हासिल हुए थे।
सीएम धामी के काम नहीं आए काम : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने छह माह के मुख्यमंत्रित्व काल में खटीमा में पूर्व में प्रस्तावित कामों को जहां तेजी से संपन्न कराया, वहीं नए काम भी प्रस्तावित किए। मगर यह काम 2022 के चुनाव में मुख्यमंत्री के काम नहीं आए। मुख्यमंत्री द्वाा किए गए प्रमुख पांच कामों में चकरपुर में स्टेडियम का शिलान्यास, पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन, जनजाति के विद्यार्थियों के लिए एकलव्य विद्यालय, एनएच 125 बाईपास का निर्माण,रोडवेज बस स्टेशन का लोकार्पण काम हैं। इसके अलावा शहर में सीवर लाइन, नालों को बंद कर उसके ऊपर से सड़क बनाना, नगर का सौंदर्यीकरण शामिल है।

भाजपा रच रही इतिहास : आपको बता दें कि उत्तराखंड में अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों का इतिहास दो दशक पुराना है। उत्तराखंड में पिछले चार चुनावों में बारी-बारी से कांग्रेस और भाजपा सत्ता पर काबिज रही हैं लेकिन किसी भी पार्टी ने लगातार दूसरी बार कुर्सी हासिल नहीं की। 2002 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई तो 2007 में भाजपा ने। इसके बाद 2012 में फिर कांग्रेस सत्ता में आई तो 2017 में फिर भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाई। 2022 में एक बार फिर भाजपा सरकार बनाने जा रही है।

एग्जिट पोल में थी कड़ी टक्कर : 7 मार्च को आए कई एक्जिट पोल में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर या त्रिशंकु विधानसभा की संभावना व्यक्त की है। ऐसे परिदृश्य में सरकार बनाने में निर्दलीय, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल जैसे क्षेत्रीय दलों से विजयी प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी।

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