चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 33 सीटों के दम पर किंगमेकर बनने की रणनीति बना रहे हैं। ये 33 सीटें मुख्य रूप से वे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां उनकी पार्टी का प्रभाव माना जाता है, खासकर दलित और अन्य समुदायों के बीच। इन सीटों पर उनकी पार्टी मजबूत प्रदर्शन कर सकती है, जिससे वे गठबंधन की सियासत में अहम भूमिका निभा सकें।
चिराग की रणनीति में इन सीटों पर जीत या प्रभावशाली प्रदर्शन के जरिए एनडीए गठबंधन में अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ाना शामिल है। 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था, जैसे रोहतास जिले की दिनारा सीट, जहां उनके उम्मीदवार ने 51,313 वोट हासिल किए थे। इन सीटों को वे अपनी सियासी ताकत का आधार मान रहे हैं।
हालांकि, यह दावा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इन सीटों पर आरजेडी और महागठबंधन जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं। इसके अलावा, एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जेडीयू, बीजेपी, और अन्य सहयोगी दलों के साथ खींचतान की संभावना है। चिराग की रणनीति उनकी पार्टी की 2024 लोकसभा चुनाव में 100% स्ट्राइक रेट और दलित वोट बैंक के सहारे बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने पर टिकी है।

