ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो (एनएसबी) ने हाल ही में चीनी सेना की बढ़ती आक्रामकता पर चिंता जताई है। 15 दिसंबर 2025 तक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के विमानों ने ताइवान के आसपास के हवाई क्षेत्र में 3,570 से अधिक बार घुसपैठ की है, जो 2024 के 3,070 घुसपैठों को पार करते हुए एक नया रिकॉर्ड बना चुका है। ये घुसपैठें मुख्य रूप से ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (एडीआईजेड) में समुद्री इलाकों के ऊपर हो रही हैं, जो ताइवान स्ट्रेट और उसके आसपास के क्षेत्रों को कवर करती हैं।
एनएसबी के अनुसार, पीएलए ने इस साल 39 “संयुक्त युद्ध तत्परता गश्त” भी की हैं, जो ताइवान की प्रारंभिक चेतावनी और प्रतिक्रिया क्षमताओं का परीक्षण करने और ताइवान स्ट्रेट में युद्ध के लिए उनके युद्धक्षेत्र संचालन की जांच करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। इसके अलावा, पश्चिमी प्रशांत महासागर में पीएलए ने पहली बार दो विमानवाहक पोतों (एयरक्राफ्ट कैरियर) के साथ संयुक्त अभ्यास किया है।
ये गतिविधियां चीन की ताइवान पर बढ़ती नजर को दर्शाती हैं, जहां समुद्री और हवाई सीमाओं पर बार-बार उल्लंघन हो रहे हैं। ताइवान और उसके सहयोगी देश पहली द्वीप श्रृंखला (फर्स्ट आइलैंड चेन) की रक्षा को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। एनएसबी ने अन्य खतरों का भी जिक्र किया, जैसे चीनी कोस्ट गार्ड के फिलीपींस के सरकारी जहाजों पर पानी की तोपों का इस्तेमाल और जे-15 फाइटर जेट्स द्वारा जापानी एफ-15 फाइटर जेट्स पर लॉक-ऑन।







