जातिवाद है देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा

पवन कुमार 

जातिवाद न केवल सामाजिक एकता को समाप्त करता है बल्कि जाति और वर्गीय संघर्ष को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय एकता में बाधक बनता है। न्याय सिद्धांत मुवतावली के अनुसार जाति की परिभाषा इस प्रकार है जाति उसे कहते हैं जो निम्न है और अपनी तरह की समस्त वस्तुओं में समवाय संबध से विद्यमान हो।
व्याकरणशास्त्र के अनुसार जाति उसे कहते हैं जो आकृति के द्वारा पहचानी जाए सब लिंगों के साथ नए बदल जाए और एक बार में ही जान ली जाए। इन परिभाषाओं एवं शब्द व्युत्पत्ति से स्पष्ट है कि जाति का प्रयोग प्राचीन समय में मानव जातियों के लिए नहीं होता था।प्राचीन भारतीय धर्म ग्रंथों में जाति जाति का कोई सबूत नहीं मिलता, जाति की उत्पत्ति के कारण और काल विषय में अनेक मत हैं जो सब अनुमानित हैं।विद्वानों की माने तो आर्यों और अनार्यों के संघर्ष से दो जातियों का जन्म हुआ और कालक्रम में धर्म ,व्यवसाय, श्रम विभाजन,संस्कृति,प्रवास,तथा भौगोलिक पार्थवाय से हजारों जातियां उत्पन हुई।
विकास सिद्धांत के अनुसार सामाजिक विकास के कारण जाति प्रथा की उन्नति हुई है, सभ्यता के लंबे और मंद विकास के कारण जाति प्रथा मैं कुछ दोष आते गए इसका सबसे बड़ा दोष छुआछूत की भावना है। परंतु शिक्षा के प्रसार से यह सामाजिक बुराई दूर होती जा रही है।
सी एच कुले का कहना है कि सर्वदा में व्यक्ति को प्रतिष्ठा पूर्णरूपेण पूर्व निश्चित है। और जन्म लेने के बाद व्यक्ति के जीवन में किसी प्रकार के सुधार या परिवर्तन की आशा न हो तब वह वर्ग जाति बन जाती है।
मॉर्टन डॉल और मोना काशी जाति की परिभाषा देते हुए कहते हैं कि जाति उन लोगों का समूह है जिनके कर्तव्य और विशेषाधिकार जन्म से ही निश्चित है और धर्म के जादू द्वारा स्वीकृत और मान्य है।
कुछ विद्वानों ने जाती प्रथा के कार्य लाभ भी बताए हैं।
जैसे -सामाजिक सुरक्षा,संस्कृति की सुरक्षा, श्रम विभाजन व्यवस्था, मानसिक सुरक्षा, जीवनसाथी का चुनाव, सामाजिक स्थिरता, सामाजिक उन्नति, व्यवहारिक व्यवस्था, धर्म की रक्षा, व्यवसाय का निर्धारण आदि।
जाति प्रथा से होने वाली हानि -जाति प्रथा में ऊंच-नीच की भावना होती है, जिससे व्यक्ति विभिन्न संस्तरणों में विभाजित हो जाता है, यह संस्तरण एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से अलग कर देता है, जैसे सदस्यों में भेदभाव की भावना का विकास हो जाता है, इससे सदस्यों में हम की भावना का विकास नहीं हो पाता।
वर्तमान समय में कुछ स्वार्थी राजनेताओं द्वारा जातिवाद का एक ऐसा जाल पूर्व दिया गया है जिससे छुटकारा पाना नामुमकिन सा हो गया है। जातिवाद एक ऐसा अभिशाप है, जाति बचपन से ही ऊंच-नीच का भेदभाव उत्पन्न करती है , जिसके चलते एक बड़ा समुदाय हतोत्साहित होता है।
“जाति प्रथा उन्मूलन है”
जाति प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकना जरूरी है, क्योंकि जाति समाज के ही नहीं अपितु राष्ट्र के विकाश में भी एक मुख्य बाधा है। जो लोग जाति प्रथा की पैरवी करते हैं वह लोग सामाजिक आत्मीयता और अन्याय के प्रमुख स्रोत को बढ़ावा देने का काम करते हैं, जातिवाद का विरोध करना मतलब भौतिक रुकावट को दूर करना है। जाति को खत्म करने के लिए जरूरत है अंतरजातीय विवाह के क्योंकि अक्षर जाति की जरूरत विवाह के समय ही पड़ती है आज युवा अंतर जाति विवाह कर जातिवाद को खत्म करने में अपना योगदान दे सकते हैं, क्योंकि कोई भी राजनीतिक यह नहीं चाहेगा कि हमारे देश से जातिवाद खत्म हो क्योंकि अगर ऐसा होता है तो इनका राजनीतिक कैरियर समाप्ति की ओर जाता नजर आता है यही कारण है कि जातिवाद को लेकर आज तक हमारे देश में कोई कानून नहीं बन पाया, हां यह बात अलग है किस संविधान में अनुच्छेद 15 के अनुसार राज्य द्वारा धर्म, मूल वंश जाति, लिंग ,जन्म स्थान के आधार पर नागरिकों के के प्रति जीवन के किसी क्षेत्र में भेदभाव नहीं किया जा सकता, लेकिन यहां भी विरोधाभास है कि सरकारी पदों पर चयन करते समय जाति को प्रमुखता दी जाती है। जाति न केवल हमारे बीच वैमनस्यता (मन मिटाओ) वह बढ़ाती है बल्कि यह हमारी एकता मैं भी दरार पैदा करती है। निसंदेह जाति एक ऐसी प्रथा है जिसको सामाजिक कुरीति की संज्ञा दी जा सकती है। जातिवाद में हमारे देश में न जाने कितनी कुरीतियों को जन्म दिया है ,आज जरूरत है मंदिर ,मस्जिद, गिरजाघरों के प्रमुखों को आगे आकर जाति प्रथा का विरोध करने की ,आज जरूरत है हर युवा वर्ग को आगे आकर जाति प्रथा का विरोध करने की और ठोस कदम उठाने की। आज जरूरत है स्वार्थी राजनीतिक लोगों की मनसा को समझने की।

  • Related Posts

    अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाई
    • TN15TN15
    • March 16, 2026

    मानव जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई यह है…

    Continue reading
    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्ट
    • TN15TN15
    • March 14, 2026

    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने हाल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें

    • By TN15
    • March 18, 2026
    शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें

    ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को IDF ने किया ढेर, इजरायल के रक्षा मंत्री का बड़ा दावा   

    • By TN15
    • March 18, 2026
    ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को IDF ने किया ढेर, इजरायल के रक्षा मंत्री का बड़ा दावा   

    आज़ादी की लड़ाई की तर्ज पर आंदोलन कर ही किया जा सकता है बदलाव!

    • By TN15
    • March 18, 2026
    आज़ादी की लड़ाई की तर्ज पर आंदोलन कर ही किया जा सकता है बदलाव!

    पत्रकारिता के साथ ही बैंक में भी नौकरी की हरिवंश नारायण सिंह ने, प्रभात खबर से बनी थी पहचान!

    • By TN15
    • March 18, 2026
    पत्रकारिता के साथ ही बैंक में भी नौकरी की हरिवंश नारायण सिंह ने, प्रभात खबर से बनी थी पहचान!

    22 को बड़ा निर्णय लेंगे केसी त्यागी?

    • By TN15
    • March 18, 2026
    22 को बड़ा निर्णय लेंगे केसी त्यागी?

    सम्राट चौधरी होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार ने जमुई से दे दिया बड़ा मैसेज

    • By TN15
    • March 18, 2026
    सम्राट चौधरी होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार ने जमुई से दे दिया बड़ा मैसेज