सी. लाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सरकार झूठ का जवाब तो देगी विपक्षियों को लेकिन, सच का जवाब कैसे देगी , जो आम जनता की नजरों में दिख रहा है। यह सभी को पता है कोई भी किसी भी पार्टी का कार्यकर्ता गेहूं. जमीन. जेवर .बेचकर राजनीति जनसेवा पार्टी के लिए करेगा जो सच है, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विधानसभा सचिवालय लोक भवन एनेक्सी और बापू भवन में घुस नहीं सकते और ना उनके लिए पास आता है। लेखपाल तहसीलदार उप जिलाधिकारी क्षेत्राधिकारी अधिकारी पुलिस अधीक्षक जिला अधिकारी और कमिश्नर पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनसुनी करते हैं, आम जनता के साथ-साथ भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता भी विवश दिखाई देते हैं, जब वह जनता के बीच जाते हैं तो उनका उत्साह कम हो जाता है जनता के सवाल के सामने किसान अपने खेत से मिट्टी अपने द्वार पर बरसात के पहले डालते थे और अब डालेंगे तो उन्हें भी खनन विभाग से अनुमति लेना पड़ेगा और रॉयल्टी भी जमा करना पड़ेगा, प्रदेश का नौकरशाह अपने गिरफ्त में पूरे प्रदेश को ले लिया है।
आम जनता परेशान रहती है अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है आम जनता अपनी दर्द किस बताएं अधिकारी अपने मोबाइल में सेटिंग में ट्रूकॉलर में सेट कर रखते हैं कि जिनके नंबर सूची में है उन्हीं के फोन आएंगे और औरों के फोन ऑटो रिजेक्ट पर होते हैं , आम गरीब आदमी वह जल्दी अधिकारी से सीधी बात करने से डरता भी है। दूरभाष लैंडलाइन खराब पड़ी है , पहले लोग दूरभाष पर अधिकारी का पता कर लेते थे तब जाते थे अब लोग जाते हैं परेशान होते हैं और अधिकारी मिलते नहीं है और उन लोगों को कोई सही कुछ बताता नहीं , बेटे ने गलती किया तो बाप की गाड़ी कमाई बने मकान पर बुलडोजर चलते हैं, बेरोजगारी चरम सीमा पर है सरकारी भर्तियों का टोटा है, सरकार को लगता है की जो वेतन हम देते हैं वह अपने घर से देते हैं इसलिए हर भर्तीयो में विलंब किया जाता है , सरकार कोई भी होगी अपने घर से नहीं देती है जो भी सत्ता में रहेगा उसको रोजगार देना ही पड़ेगा , शिक्षा मांगी हो रही है गरीब आदमी तकनीकी से दूर होते जा रहा है क्योंकि उसके पास साधन नहीं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने आदेश से साबित कर दिया कि यह सरकार हिंदू और दलित पिछड़ा विरोधी है , जब सरकार नारा लगती है कि सबका साथ सबका विकास और हिंदुत्व की बात करती है इस हिंदुत्व के बीच में दलितों पिछड़ों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला , जो कार्य अन्य सरकारों में उच्च पदों के भर्तियों में होता था वहीं प्रक्रिया भाजपा सरकार में है इसलिए आम जनता को भाजपा और दूसरी सरकारों में कोई अंतर दिखाई नहीं देता है , आम जनता की नजरों में जो आरोप कांग्रेस सपा बसपा पर स्थापित होते थे वही आरोप भाजपा पर भी सच साबित हो रहे हैं , आम जनता को तकनीकी का सहारा लेने के लिए प्रदेश में मजबूर किया जा रहा है की आम आदमी एंड्राइड फोन और नेट की व्यवस्था हमेशा करके रखें या तो फिर दूसरी जगह जीहुजूरी लगायें, पहले आम गरीब स्कूलों की फीस दो बार में जमा कर लेता था, लेकिन उसको मजबूर किया जा रहा है ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अगर उसके पास रुपया है तो पड़ेगा और रुपया नहीं है तो नहीं पड़ सकता है , बच्चों के पढ़ने के चक्कर में लोग इधर-उधर हाथ फैलाते नजर आते हैं क्योंकि किसान के पास एक मुस्त रुपए की व्यवस्था नहीं होती है , पुलिस बेलागाम, उत्तर प्रदेश वालों को किसी भी टेंडर में भागीदारी नहीं मिल रही है , और भी कई ऐसे मुद्दे हैं जो भाजपा की सरकार आम जनता को सच का जवाब कैसे देगी क्योंकि सोशल मीडिया का जमाना है कहीं खबर को दबाया जा सकता है, लेकिन सोशल मीडिया पर नहीं, और जो आम जनता के सामने तस्वीर उभर कर आती है उसको कैसे झूठा साबित किया जा सकता है।