देश की राजनीति पर हावी बुलडोजर नीति!

चरण सिंह 

बुलडोजर एक ऐसा शब्द है जो अतिक्रमण हटाने के नाम से जाना जाता है पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे इतना बढ़ावा दिया कि अब यह राजनीति में सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। बुलडोजर आज की तारीख में राजनीति से लेकर न्यायपालिका तक में अपना प्रभाव बनाता दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप करने करने के बाद तो बुलडोजर राजनीतिक दलों के लिए भी बयानबाजी का सबसे बड़ा आधार बन गया है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव कह रहे हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही सभी बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की ओर होगा। अखिलेश इतना बोलने पर योगी आदित्यनाथ कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने भी कह दिया कि बुलडोजर पर हर किसी का हाथ सेट नहीं होता। बुलडोजर चलाने के लिए उसके जैसी हिम्मत और दृढ़ संकल्प होना चाहिए। दंगाइयों को शह देने वाले अपराधियों को आगे बढ़ाने वाले बुलडोजर नहीं चला पाएंगे। योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश का नाम लिए बिना कहा कि इन लोगों की सम्पत्ति जब्त कर गरीबों को बांटने का काम करेंगे।
दरअसल योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवाया। अवैध बिल्डिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कराया, उससे बुलडोजर का नाम देश में गूंजने लगा। दूसरी सरकारें भी योगी आदित्यनाथ की बुलडोजर नीति अपनाने लगी। बुलडोजर नीति देश में इतनी हावी हो गई कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो कहा कि यदि कोई दोषी भी हो तब भी उसके घर पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता है। वह बात दूसरी है कि योगी सरकार के पेश किये गये हलफनामे से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नजर आया।
उत्तर प्रदेश ने जो हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में पेश किया उसमें कानूनी दायरे में रहकर बुलडोजर चलाने की बात कही गई है। हलफनामे में अवैध बिल्डिंगों पर ही बुलडोजर चलाने की बात योगी सरकार ने कही है। योगी सरकार का हलफनामा इतना प्रभावी शाली था कि सुप्रीम कोर्ट हलफनामे में दिये गये तर्कों से खुश हो गया। बाकायदा सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार की तारीफ की। दरअसल योगी आदित्यनाथ अवैध बिल्ङिंगों पर बुलडोजर चलाकर लोगों की सहानुभूति बटोर रहे हैं। योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी-अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने का भी लिया है। जो कर्मचारी या अधिकारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दे रहा है उसका वेतन रोक दिया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से भ्रष्टाचार पर बड़ा अंकुश लगेगा। संपत्ति का ब्यौरा देने के डर से नौकरशाह रिश्वतखोरी से बचेंगे। ऐसे ही बुलडोजर नीति के डर से लोग अपराध करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में राहजनी कम हुई है। आदमी देर सवेर भी कहीं पर आ-जा सकता है।

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