वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 28 सितंबर 2025 (रविवार) को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की, जिसमें कुल 13 मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया गया। इसमें पद्मश्री से सम्मानित पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के पैतृक घर का एक हिस्सा भी शामिल था। यह कार्रवाई पुलिस लाइन चौराहे से कचहरी चौराहे तक लगभग 300 मीटर लंबे क्षेत्र में की गई, जहां सड़क को 60 मीटर चौड़ा करने का लक्ष्य है। इस दौरान भारी पुलिस बल (200 जवान), आरपीएफ और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात रहे, और कार्रवाई करीब 2 घंटे चली।
घटना का विवरण
कार्रवाई का स्थान और उद्देश्य: सिंधोरा से कचहरी गोलघर चौराहे तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, यह शहर में यातायात सुगमता और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आवश्यक है। पिछले दो महीनों में इस योजना के तहत कुल 40 से अधिक मकान-दुकानें पहले ही ध्वस्त हो चुकी हैं।
मोहम्मद शाहिद के घर पर प्रभाव: शाहिद का तीन मंजिला पैतृक मकान प्रभावित हुआ। उनके परिवार के नौ सदस्यों को पहले ही मुआवजा (कुल 3.52 करोड़ रुपये 71 प्रभावितों को) दिया जा चुका था, इसलिए उनका हिस्सा तोड़ा गया। बाकी हिस्सों को फिलहाल छोड़ा गया है, लेकिन परिवार ने विरोध किया। शाहिद के भाई ने बताया कि उन्होंने कुछ समय की मोहलत मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने नहीं मानी और बुलडोजर चला दिया। एडीएम (सिटी) ने स्पष्ट किया कि केवल मुआवजा लेने वालों का हिस्सा ही प्रभावित हुआ।
परिवार की प्रतिक्रिया: परिजनों ने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन सफल नहीं हुए। एक भाई ने कहा, “ऑन पेपर बंटवारा नहीं हुआ था, फिर भी घर तोड़ दिया।”
मोहम्मद शाहिद के घर पर प्रभाव: शाहिद का तीन मंजिला पैतृक मकान प्रभावित हुआ। उनके परिवार के नौ सदस्यों को पहले ही मुआवजा (कुल 3.52 करोड़ रुपये 71 प्रभावितों को) दिया जा चुका था, इसलिए उनका हिस्सा तोड़ा गया। बाकी हिस्सों को फिलहाल छोड़ा गया है, लेकिन परिवार ने विरोध किया। शाहिद के भाई ने बताया कि उन्होंने कुछ समय की मोहलत मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने नहीं मानी और बुलडोजर चला दिया। एडीएम (सिटी) ने स्पष्ट किया कि केवल मुआवजा लेने वालों का हिस्सा ही प्रभावित हुआ।
परिवार की प्रतिक्रिया: परिजनों ने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन सफल नहीं हुए। एक भाई ने कहा, “ऑन पेपर बंटवारा नहीं हुआ था, फिर भी घर तोड़ दिया।”
मोहम्मद शाहिद कौन थे?
मोहम्मद शाहिद (5 अक्टूबर 1955 – 20 जुलाई 2016) भारतीय हॉकी के ‘ड्रिब्लिंग जादूगर’ के नाम से मशहूर थे। उन्होंने 1980 मॉस्को ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई (उनके गोल ने निर्णायक मोड़ लाया)। वे लॉस एंजिल्स (1984) और सिओल (1988) ओलंपिक में भी खेले। पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता शाहिद ने 1970-80 के दशक में भारत को कई जीत दिलाईं। उनका निधन 2016 में दिल्ली के मेदांता अस्पताल में किडनी फेलियर से हुआ।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्षी दलों ने इसे ‘मोदी सरकार की बुलडोजर राजनीति’ बताया। AAP ने ट्वीट किया: “देश की महान हस्तियों को निशाना बना रही मोदी सरकार… ओलंपिक हीरो का घर मिट्टी में मिला दिया।” नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार को घेरा: “मुस्लिम विरोधी नीति अब खिलाड़ियों तक पहुंच गई। परिवार को सम्मानजनक आवास और मुआवजा दो।”
कुछ स्थानीय लोगों ने सड़क चौड़ीकरण की सराहना की, लेकिन व्यापारियों ने आजीविका प्रभावित होने की शिकायत की। प्रशासन का कहना है कि नोटिस पहले ही जारी हो चुके थे और स्वैच्छिक हटाने की अपील की गई थी।
कुछ स्थानीय लोगों ने सड़क चौड़ीकरण की सराहना की, लेकिन व्यापारियों ने आजीविका प्रभावित होने की शिकायत की। प्रशासन का कहना है कि नोटिस पहले ही जारी हो चुके थे और स्वैच्छिक हटाने की अपील की गई थी।
यह घटना उत्तर प्रदेश में चल रही ‘बुलडोजर एक्शन’ की ताजा कड़ी है, जो विकास परियोजनाओं के नाम पर अतिक्रमण हटाने से जुड़ी है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।







