1995 में सपा और 1996 में कांग्रेस से किया था गठबंधन
2002 में बीजेपी के साथ मिलकर बनाई थी सरकार, 2007 में अपने दम पर बनाई थी सरकार
चरण सिंह
लखनऊ। एआइएमआईएम और कांग्रेस के साथ बीएसपी के साथ चल रही अटकलों के बीच बीएसपी मुखिया मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि बीएसपी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जब जब चुनाव आते हैं तब तब बीएसपी को हराने के लिए षड़यत्र शुरू हो जाते हैं। एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की चर्चा भी इसी षड्यंत्र का हिस्सा है। टाइप 8 के बंगले पर उन्होंने कहा कि यह उन्हें सिक्योरिटी मकसद से मिला है। उन्होंने कहा कि जब 1995 पर गेस्ट हाउस कांड हुआ था तब भी उन्हें टाइप 8 का बंगला मिला था।
बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायावती ने कहा कि हम पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि हम विधानसभा चुनाव अकेले लडेंगे, लेकिन कुछ लोग और मीडिया घिनौनी साजिश में पड़कर अपनी इमेज खराब करते हैं। ये बसपा विरोधी एजेंडा है। लोगों को ऐसी खबरों पर ध्यान नहीं देना। यह कांग्रेस, सपा और बीजेपी की सोच संकीर्ण और बाबा साहेब की विरोधी है।
गठबंधन पर उन्होंने कहा कि इससे बीएसपी को नुकसान होता है। बसपा के लोग अकेले चुनाव लड़ने के लिए जी जान से लगे हुए हैं। बसपा, 2007 की तरह अकेले चुनाव लड़ेगी और चुनाव जीतेगी।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या बीएसपी ने कभी गठबंधन नहीं किया है ? यह सही नहीं है। बीएसपी ने कई बार गठबंधन किया है। चुनाव के पहले भी और बाद में भी।
1993 के यूपी विधानसभा चुनाव में BSP ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने और BSP ने 67 सीटें जीती थी। यह गठबंधन बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद BJP को रोकने के लिए किया गया था। लेकिन 1995 में मायावती ने समर्थन वापस लिया, जिससे SP सरकार गिर गई।
1996 यूपी विधानसभा चुनाव में BSP ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। BSP को 68 सीटें मिली थी 2002 यूपी विधानसभा चुनाव: BSP ने कोई बड़ा pre-poll गठबंधन नहीं किया, लेकिन चुनाव के बाद BJP के बाहरी समर्थन से मायावती मुख्यमंत्री बनीं (2002-2003 तक)। BSP ने 98 सीटें जीतीं।
2007 यूपी विधानसभा चुनाव: BSP ने अकेले चुनाव लड़ा और पूर्ण बहुमत (206 सीटें) के साथ सरकार बनाई। यह मायावती का सबसे सफल चुनाव था, जिसमें “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का नारा था। 2012 और 2017 यूपी विधानसभा चुनाव: BSP ने अकेले लड़ा। 2012 में 80 सीटें, 2017 में 19 सीटें मिली थी। 2022 यूपी विधानसभा चुनाव: BSP ने अकेले लड़ा (कुछ छोटी पार्टियों का समर्थन था पर एक ही सीट जीत पाई थी। अब 2027 के चुनाव के लिए भी उन्होंने स्पष्ट किया है कि BSP अकेले लड़ेगी, कोई गठबंधन नहीं होगा।






