मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिवार रियल स्टेट में, ले रहा योजनाओं का फायदा!
वाह भाई वाह। बीजेपी का गजब खेल है। मुख्यमंत्री बनो और परिवार को प्रदेश लुटाओ। मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनका परिवार रियल स्टेट में। धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री ने बड़ा खेल कर दिया। इस खेल को अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने उजागर किया है।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक ये प्लॉट सीएम मोहन यादव की पत्नी सीमा, बेटे वैभव की पत्नी शालिनी यादव, भाई नंदलाल और नारायण यादव, नारायण की पत्नी रेखा, उनके बेटे अभय यादव और चचेरे भाइयों गोविंद और नीलेश यादव ने खरीदे थे। 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव मुख्यमंत्री बने और 2021 और 2023 के बीच, उनके परिवार के करीबी रिश्तेदारों के पास कथित तौर पर लगभग 194 प्लॉट में फैली करीब 253 एकड़ जमीन आ गई।
2024-25 के बीच में 137 प्लॉट खरीदे गए जो 168 एकड़ है। 2021-2023 के बीच में 57 प्लॉट खरीदे गए, जो 86 एकड़ है।
मोहन यादव के सीएम बनने के बाद राज्य सरकार ने इन्हीं इलाकों में कई नए रोड लिंक और हाईवे बनाने की घोषणा की। ऐसे में इन इलाकों में जमीन की कीमतें आसमान छूने लगी। इसकी वजह से शुरुआती निवेश करने वाले लोगों को फायदे हो गए। इस रिपोर्ट में कथित रूप से दावा किया गया है कि मोहन यादव के सीएम बनने के बाद इनके परिवार ने जमीन की खरीद बढ़ा दी है। इसमें सीएम मोहन यादव के बेटे वैभव और बहन कलावती भी शामिल हैं। इनके पास उज्जैन के आसपास करीब 108 प्लॉट थे। 85 एकड़ जमीन तब खरीदी गई थी, जब मोहन यादव शिक्षा मंत्री थे।
दिसंबर 2023 में इनके सीएम बनने के बाद परिवार ने दिसंबर 2025 तक, उनके परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे हैं। कुल मिलाकर 168 एकड़ से ज्यादा जमीन है। वहीं, मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके परिवार ने 168 एकड़ जमीन खरीदी है, उनमें से 111 एकड़ जमीन उज्जैन और उसके आसपास घोषित सड़क विकास परियोजनाओं के पास हैं। इनमें गरोठ, झालावाड़, नागदा, बड़नगर, इंदौर और भोपाल से जुड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं कि उज्जैन नगर निगम पर दबाव डालकर मास्टर प्लान में बदलाव करवाया गया है।







