एअर इंडिया फ्लाइट AI171 के क्रैश के आखिरी पलों में, जो 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार निम्नलिखित घटनाएँ सामने आई हैं:
टेकऑफ के बाद फ्यूल कटऑफ: टेकऑफ के मात्र 3 सेकंड बाद, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच एक के बाद एक (1 सेकंड के अंतराल में) ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए। इससे दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई, जिसके परिणामस्वरूप इंजनों ने थ्रस्ट खो दिया।
कॉकपिट में भ्रम: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया, “तुमने कटऑफ क्यों किया?” जवाब में दूसरा पायलट कहता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह दर्शाता है कि पायलटों के बीच इस बात को लेकर भ्रम था कि स्विच क्यों और कैसे बदले गए।
इंजनों को दोबारा चालू करने का प्रयास: फ्यूल स्विच को कटऑफ करने के लगभग 10 सेकंड बाद, स्विच को दोबारा ‘RUN’ स्थिति में लाया गया, जिससे इंजनों को स्वचालित रूप से रीलाइट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। एक इंजन ने थ्रस्ट हासिल करना शुरू किया, लेकिन दूसरा इंजन पूरी तरह से रीलाइट होने से पहले ही समय कम पड़ गया।
मेडे कॉल और क्रैश: फ्यूल कटऑफ के 23 सेकंड बाद, एक पायलट ने “मेडे मेडे मेडे” कॉल किया। विमान केवल 32 सेकंड तक हवा में रहा, 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा, और फिर तेजी से नीचे गिरने लगा। यह बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गया, जिससे 242 में से 241 यात्रियों और 19 लोगों की जमीन पर मौत हो गई।
रैम एयर टर्बाइन (RAT) सक्रिय: सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि इंजनों के बंद होने के बाद रैम एयर टर्बाइन (RAT), जो आपातकालीन बिजली स्रोत है, सक्रिय हो गया। यह इस बात का संकेत है कि विमान ने इंजन पावर खो दिया था।
कोई यांत्रिक खराबी नहीं: प्रारंभिक जांच में विमान या इसके जीई इंजनों में कोई यांत्रिक खराबी नहीं पाई गई। ईंधन की गुणवत्ता संतोषजनक थी, और कोई पक्षी टकराने की घटना नहीं थी।
स्विच की डिजाइन और सवाल: फ्यूल कंट्रोल स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म होता है, जिसे गलती से हिलाना मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्विच को ‘CUTOFF’ करने के लिए जानबूझकर एक्शन की जरूरत होती है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि स्विच गलती से, जानबूझकर, या किसी तकनीकी खराबी (जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट) के कारण बदले गए।
मेडे कॉल और क्रैश: फ्यूल कटऑफ के 23 सेकंड बाद, एक पायलट ने “मेडे मेडे मेडे” कॉल किया। विमान केवल 32 सेकंड तक हवा में रहा, 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा, और फिर तेजी से नीचे गिरने लगा। यह बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गया, जिससे 242 में से 241 यात्रियों और 19 लोगों की जमीन पर मौत हो गई।
रैम एयर टर्बाइन (RAT) सक्रिय: सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि इंजनों के बंद होने के बाद रैम एयर टर्बाइन (RAT), जो आपातकालीन बिजली स्रोत है, सक्रिय हो गया। यह इस बात का संकेत है कि विमान ने इंजन पावर खो दिया था।
कोई यांत्रिक खराबी नहीं: प्रारंभिक जांच में विमान या इसके जीई इंजनों में कोई यांत्रिक खराबी नहीं पाई गई। ईंधन की गुणवत्ता संतोषजनक थी, और कोई पक्षी टकराने की घटना नहीं थी।
स्विच की डिजाइन और सवाल: फ्यूल कंट्रोल स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म होता है, जिसे गलती से हिलाना मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्विच को ‘CUTOFF’ करने के लिए जानबूझकर एक्शन की जरूरत होती है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि स्विच गलती से, जानबूझकर, या किसी तकनीकी खराबी (जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट) के कारण बदले गए।






