स्थापित तंत्र के माध्यम से होगी नेपाल के साथ सीमा वार्ता: भारत

द न्यूज़ 15
काठमांडू। नेपाल में शनिवार को भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिपुलेख क्षेत्र में एक सड़क के विस्तार पर हाल के बयान के खिलाफ नेपाल की एक बौखलाहट के बीच आई है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर नेपाल अपना दावा जता रहा है।

नेपाल के साथ हालिया सीमा मुद्दे के मद्देनजर, भारत सरकार ने कहा है कि नेपाल के साथ बकाया सीमा मुद्दों को स्थापित तंत्रों और चैनलों के माध्यम से सुलझाया जाएगा।

नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने पीएम मोदी के बयान पर चिंता व्यक्त की थी और देउबा सरकार से इस पर प्रतिक्रिया देने की मांग की थी, हालांकि देउबा सरकार ने अभी तक इस स्थिति पर प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है।

एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने 30 दिसंबर को घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने लिपुलेख तक एक सड़क का विस्तार किया है और इसे आगे बढ़ाने की और भी योजनाएं हैं।

भारत सरकार चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर तक सड़क का निर्माण कर रही है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मई 2020 के पहले सप्ताह में सड़क का उद्घाटन किया था, जिससे नेपाल में काफी हंगामा हुआ था।

नेपाल सरकार ने तब 20 मई, 2020 को नेपाली क्षेत्र के भीतर कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को शामिल करते हुए एक नए मानचित्र का अनावरण किया था। नए नक्शे को संसद ने सर्वसम्मति से एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से समर्थन दिया था।

प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की अपनी नेपाली कांग्रेस सहित नेपाल में लगभग सभी राजनीतिक दल मांग कर रहे हैं कि सरकार मोदी के बयान पर बोलें और लिपुलेख पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

शुक्रवार को सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस, जिसके अध्यक्ष देउबा हैं, ने एक बयान जारी किया।

कांग्रेस के दो महासचिव गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री देउबा से मुलाकात की और उनसे मोदी के बयान के विरोध में भारत को एक राजनयिक संदेश भेजने का आग्रह किया।

शुक्रवार शाम को थापा और शर्मा दोनों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा नेपाल के अभिन्न अंग हैं और नेपाली कांग्रेस इस बारे में स्पष्ट है।

बयान में कहा गया है, भारत को कालापानी से अपनी सेना वापस करनी चाहिए। सड़क का निर्माण एक गंभीर मुद्दा है और आपत्तिजनक है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक बयान में कहा, भारत-नेपाल सीमा पर भारत सरकार की स्थिति सर्वविदित, सुसंगत और स्पष्ट है।

बयान में कहा गया है, इस बारे में नेपाल सरकार को सूचित किया गया है।

मोदी के बयान पर अपना पक्ष रखने की नेपाल सरकार की तैयारियों के बीच यह बयान आया है।

भारत ने इस नए नक्शे के प्रकाशन को गलत बताते हुए नेपाल के इस कदम पर नाराजगी जताई थी।

नेपाल-भारत संबंध उस समय चरम पर थे। द्विपक्षीय संबंध पिछले साल के अंत में ही पटरी पर आए थे।

लेकिन लिपुलेख पर मोदी के बयान ने एक बार फिर नेपाल में कोहराम मचा दिया है।

मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल ने लिपुलेख पर मोदी के दावे का जवाब देने में विफल रहने के लिए देउबा प्रशासन की आलोचना की है।

यहां तक कि देउबा के गठबंधन सहयोगियों – नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) और सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) ने भी सरकार से एक स्पष्ट स्थिति बनाने का आह्वान किया है।

भारतीय दूतावास ने कहा है कि अंतर-सरकारी तंत्र और चैनल संचार के लिए उपयुक्त हैं।

दूतावास ने कहा, यह हमारा विचार है कि स्थापित अंतर-सरकारी तंत्र और चैनल संचार और संवाद के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

बयान के अनुसार, पारस्परिक रूप से सहमत सीमा मुद्दे, जो बकाया हैं, उन्हें हमेशा हमारे करीबी और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की भावना से निपटाया जा सकता है।

Related Posts

कर्ज के लिए मोहताज पाक बनेगा IMF-वर्ल्ड बैंक का अध्यक्ष, 1953 के बाद पहली बार मौका
  • TN15TN15
  • October 17, 2026

पाकिस्तान जो खुद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से…

Continue reading
अब होगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील, सीतारमण ने दिए संकेत! 
  • TN15TN15
  • October 17, 2026

अमेरिका के रूस से तेल खरीदने को लेकर…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

“स्वस्थ जीवन, सबसे बड़ा धन!

  • By TN15
  • October 20, 2026
“स्वस्थ जीवन, सबसे बड़ा धन!

Bijnor News : गांव लच्छीरामपुर में बच्चों को समर्पित रहा विजय दशमी पर्व!

  • By TN15
  • October 20, 2026
Bijnor News : गांव लच्छीरामपुर में बच्चों को समर्पित रहा विजय दशमी पर्व!

मणिपुर हिंसा के दौरान जबरदस्त बवाल, 4 की मौत के बाद मुख्यमंत्री आवास पर ले गए शव!

  • By TN15
  • October 19, 2026
मणिपुर हिंसा के दौरान जबरदस्त बवाल, 4 की मौत के बाद मुख्यमंत्री आवास पर ले गए शव!

भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन को लताड़ा! 

  • By TN15
  • October 19, 2026
भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन को लताड़ा! 

 चंबल नदी पर बनेगा हैंगिग ब्रिज, जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदी के अंदर नहीं बनेंगे पिलर!

  • By TN15
  • October 19, 2026
 चंबल नदी पर बनेगा हैंगिग ब्रिज, जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदी के अंदर नहीं बनेंगे पिलर!

मूसलाधार बारिश में कैसे जलेगा रावण ? 17 घंटे के भीतर 13 राज्यों में भारी बारिश!

  • By TN15
  • October 19, 2026
मूसलाधार बारिश में कैसे जलेगा रावण ? 17 घंटे के भीतर 13 राज्यों में भारी बारिश!