श्रीनगर के नौगाम (नौगाम) पुलिस स्टेशन में 14 नवंबर 2025 की रात करीब 11:20 बजे एक भयानक विस्फोट हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 32 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा पुलिस और फॉरेंसिक टीम द्वारा जब्त की गई विस्फोटकों को हैंडल करने के दौरान हुआ। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने स्पष्ट किया है कि यह “सिर्फ एक हादसा” था, न कि कोई सुनियोजित साजिश। आइए विस्तार से समझते हैं:
घटना का विवरण
स्थान: नौगाम पुलिस स्टेशन, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)।
समय: 14 नवंबर 2025, रात 11:20 बजे के आसपास।
कारण: पुलिस ने फरीदाबाद (हरियाणा) से जब्त अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री (FIR नंबर 162/2025 के तहत, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल से बरामद) को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम के साथ हैंडल कर रही थी। यह प्रक्रिया पिछले दो दिनों से चल रही थी, क्योंकि सामग्री की मात्रा बहुत अधिक और अस्थिर थी। अचानक विस्फोट हो गया, जिससे स्टेशन की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास की इमारतें भी प्रभावित हुईं।
हताहत
मृतक (9):
1 स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) का कर्मचारी।
3 FSL टीम के सदस्य।
2 क्राइम फोटोग्राफर।
2 राजस्व अधिकारी (मजिस्ट्रेट टीम के)।
1 दर्जी (टीम से जुड़ा हुआ)।
घायल (कुल 32): 27 पुलिसकर्मी, 2 राजस्व अधिकारी और 3 नागरिक। सभी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का बयान
डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा, “FIR नंबर 162/2025 के तहत फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, रसायन और रिएजेंट बरामद किए गए थे। नमूने फॉरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए भेजे जा रहे थे। इसकी अधिक मात्रा के कारण यह प्रक्रिया पिछले दो दिनों से चल रही थी। सामग्री की अस्थिर और संवेदनशील प्रकृति के कारण FSL टीम द्वारा इसे अत्यंत सावधानी से हैंडल किया जा रहा था। लेकिन दुर्भाग्य से, रात 11:20 बजे एक आकस्मिक विस्फोट हो गया। इस घटना के कारण पर कोई अन्य अटकलें लगाना अनावश्यक है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। हम मृतकों के परिवारों के साथ इस दुख की घड़ी में एकजुट हैं। जांच जारी है और क्षति का आकलन किया जा रहा है।”
पुलिस ने इसे आतंकी हमला बताने वाली किसी भी अफवाह को सिरे से खारिज कर दिया है। यह घटना जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां जब्त सामग्री की जांच हमेशा जोखिम भरी होती है।








