ब्लैक बॉक्स दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल होते हैं। FDR उड़ान के तकनीकी डेटा जैसे ऊंचाई, गति, इंजन प्रदर्शन और नेविगेशन डेटा को रिकॉर्ड करता है, जबकि CVR कॉकपिट में पायलटों की बातचीत, रेडियो ट्रांसमिशन और अन्य ध्वनियों को कैप्चर करता है।
बरामद ब्लैक बॉक्स को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) या एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के तहत फोरेंसिक लैब में विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में डेटा निकालने और उसका विश्लेषण करने में कई दिन से लेकर हफ्तों तक का समय लग सकता है, खासकर अगर डिवाइस को नुकसान पहुंचा हो। प्रारंभिक निष्कर्ष आमतौर पर 24 घंटे के भीतर जांच की दिशा तय करने के लिए दिए जाते हैं।








