दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में इन दिनों सीलिंग को लेकर जबरदस्त डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। डीडीए और एमसीडी की संभावित कार्रवाई के डर से कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे ईंट की दीवारें तक खड़ी कर दीं, ताकि दुकानें सील होने से बच सकें. लेकिन अब इलाके के बीजेपी विधायक और पार्षद मैदान में उतर आए हैं और दुकानदारों को भरोसा दिला रहे हैं कि फिलहाल कोई सीलिंग नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत न्यू अशोक नगर की सैकड़ों दुकानों को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इसी के चलते इलाके में कभी भी डीडीए, नगर निगम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई होने की आशंका जताई जा रही थी। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों में ऐसा डर बैठा कि न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन रोड और चिल्ला सरोदा बांगर इलाके में कई लोगों ने अपनी दुकानों के सामने ईंट की दीवार बना ली. उनका मानना था कि अगर दुकान पूरी तरह बंद दिखेगी तो शायद सीलिंग की कार्रवाई टल जाए और उनका रोजगार बच सके।
दुकानदारों के बीच पहुंचे विधायक रविकांत
इसी बीच त्रिलोकपुरी से बीजेपी विधायक रविकांत उज्जैनवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ खड़े हैं। विधायक रविकांत ने कहा कि जनता हमारा परिवार है। किसी भी दुकानदार को डरने की जरूरत नहीं है. जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट भी जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल सीलिंग की कार्रवाई रुक गई है और इसे रुकवाने में मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा की भी बड़ी भूमिका रही है. विधायक ने दुकानदारों से कहा कि वे अपनी दुकानों के सामने बनाई गई दीवारें हटा लें और दोबारा दुकानें खोलें।
नेताओं ने खुद हटवाईं दीवारें
मौके पर विधायक खुद लोगों को समझाते नजर आए. कई दुकानदार उनके भरोसे के बाद मान भी गए और उन्होंने अपनी दुकानें फिर से खोलनी शुरू कर दीं. हालांकि कुछ दुकानदार अभी भी डरे हुए हैं और खुलकर सामने आने को तैयार नहीं हैं। विधायक रविकांत ने कहा कि हम लोगों के पास गए और उनसे कहा कि दीवार हटाकर दुकान खोलिए। हम आपके साथ हैं, कोई सीलिंग नहीं होगी. जो लोग अभी नहीं मान रहे हैं, उन्हें भी समझाया जाएगा। वहीं बीजेपी पार्षद संजीव कुमार भी इलाके में पहुंचे और उन्होंने भी दुकानदारों को आश्वासन दिया कि फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी. इतना ही नहीं, पार्षद संजीव खुद छेनी-हथौड़ी लेकर दुकानों के सामने बनी दीवारें तोड़ते नजर आए. उनका कहना था कि सरकार व्यापारियों के साथ खड़ी है और किसी को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
कानूनी रास्ता निकालने की तैयारी
बीजेपी नेताओं का कहना है कि इलाके की ज्यादातर दुकानें पुरानी हैं और अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें कानूनी रूप से नोटिफाई कराने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जाएगी. उनका दावा है कि व्यापारी जो भी जरूरी शुल्क होगा, वह जमा कराने को भी तैयार हैं। हालांकि दूसरी तरफ दुकानदारों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है. उनका कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है, इसलिए सिर्फ मौखिक भरोसे के आधार पर जोखिम लेना आसान नहीं है. दुकानदारों को डर है कि अगर आज दुकान खोल दी और कल सीलिंग की कार्रवाई हो गई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल न्यू अशोक नगर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. व्यापारी अब सरकार या प्रशासन की तरफ से किसी लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे बिना डर के अपनी दुकानें दोबारा खोल सकें।

