बिहार चुनाव : ‘जंगलराज’ पर खेसारी लाल यादव ने योगी आदित्यनाथ को क्यों घेरा?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई रैलियों में ‘जंगलराज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए राजद (राष्ट्रीय जनता दल) और महागठबंधन पर हमला बोला। उन्होंने राजद के पुराने शासनकाल को ‘जंगलराज’ बताते हुए वर्तमान एनडीए सरकार की तारीफ की और अपराध व कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति का जिक्र किया। इस पर भोजपुरी सुपरस्टार और छपरा विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार खेसारी लाल यादव ने तीखा पलटवार किया। खेसारी ने योगी को निशाना बनाते हुए कहा कि एनडीए नेता बिहार के लिए किए गए अपने कामों पर बोलें, न कि पुरानी बातों पर। उन्होंने योगी पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिहार में नहीं रहे, इसलिए स्थानीय दर्द नहीं समझते।

खेसारी का मुख्य बयान और कारण:

खेसारी ने छपरा में प्रचार के दौरान एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, “एनडीए के नेता जंगलराज छोड़कर अपना काम बताएं कि उन्होंने बिहार के लिए किया क्या है? योगी आदित्यनाथ किसी नेता के मुंह से ही जंगलराज सुन लिए हैं। क्योंकि वे तो यहां रहे नहीं हैं। उन्हें एक बार छपरा में आकर यहां के व्यापारियों का दर्द देखना चाहिए। तब उन्हें पता चल पाएगा कि लोग क्यों सरकार बदलना चाहते हैं।”

खेसारी ने ‘जंगलराज’ के आरोप को उलटते हुए वर्तमान एनडीए सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का इल्जाम लगाया। हाल के हत्याकांडों (जैसे मोकामा हत्याकांड और दुलारचंद यादव की हत्या) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में अब ‘मंगलराज’ चल रहा है, जहां लोग मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है उनको [एनडीए नेताओं को] आठ महीने में साठ से सत्तर हत्या हो गई है। अब इसको कौन सा राज बोले हम?’ यहां ‘मंगलराज’ एक व्यंग्य है, जो ‘जंगलराज’ के विपरीत लगता है लेकिन वास्तव में हत्याओं की बाढ़ को इंगित करता है।

 

क्यों घेरा योगी को खासतौर पर?

 

राजनीतिक संदर्भ: योगी ने रघुनाथपुर और अन्य जगहों पर रैलियों में राजद के ‘जंगलराज’ को गिनाया, जो एनडीए की मुख्य चुनावी रणनीति है। खेसारी, जो राजद के चेहरे हैं, ने इसे काउंटर करने के लिए योगी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया, क्योंकि वे एनडीए के स्टार कैंपेनर हैं।
स्थानीय मुद्दा: खेसारी ने योगी को छपरा आने की चुनौती दी, जहां व्यापारी और आम लोग अपराध से त्रस्त हैं। यह वोटरों को जोड़ने का प्रयास था। वायरल प्रभाव: खेसारी का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां वे बिहार की युवा और भोजपुरी ऑडियंस को टारगेट कर रहे हैं। कुल मिलाकर, खेसारी का यह हमला एनडीए की ‘जंगलराज’ नरेटिव को तोड़ने और वर्तमान सरकार की नाकामी उजागर करने का हिस्सा था। चुनावी तारीख नजदीक होने से यह बयान सुर्खियां बटोर रहा है।

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