बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग (7 नवंबर 2025) के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से अलग हो चुके तेज प्रताप यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद “जिसके पास बहुमत होगा, उसी के साथ जाएंगे”। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे साफ हो रहा है कि तेज प्रताप अपनी नई पार्टी जन शक्ति जनता दल (जेजेडडी) के जरिए किसी भी गठबंधन को समर्थन देने को तैयार हैं, बशर्ते वो जनता के मुद्दों पर काम करे।
तेज प्रताप का पूरा बयान
“चुनाव परिणामों के बाद जो भी दल जनता के मुद्दों पर काम करेगा और जिसके पास बहुमत होगा, वे उसे समर्थन देने को तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो रोजगार देगा और पलायन को रोकने का काम करेगा, जनता के मुद्दे की जो भी बात करेगा, मैं उसको समर्थन देने को तैयार हूं। चाहे वो कोई भी हो। हम किसी को भी समर्थन दे सकते हैं। एनडीए में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हां जो भी हो जिसके पास ज्यादा संख्याबल आएगा, जिसकी भी सरकार बनेगी वो काम करेगा तो हम उसके साथ रहेंगे। इसमें हमें कोई भी दिक्कत नहीं है।”
यह बयान महुआ (जहां से वे खुद चुनाव लड़ रहे हैं) में एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू के दौरान आया। एक वीडियो क्लिप में वे कहते दिख रहे हैं: “14 नवंबर को सम्पूर्ण बदलाव होगा… जो रोज़गार देगा, पलायन रोकेगा, मुद्दों की बात करेगा मैं उसका समर्थन करूँगा!”
संदर्भ और पृष्ठभूमि
चुनाव का परिदृश्य: बिहार में 243 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। पहला चरण (121 सीटें) आज संपन्न हुआ, जबकि बाकी चरणों में मतदान जारी रहेगा। परिणाम 14 नवंबर को आएंगे। एनडीए (एनडीए) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस आदि) के बीच कांटे की टक्कर है।
तेज प्रताप की राजनीतिक स्थिति: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने हाल ही में आरजेडी से अलग होकर जन शक्ति जनता दल बनाई है। वे 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ भी। लालू परिवार ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। महुआ सीट पर तेज प्रताप और आरजेडी के उम्मीदवार के बीच सीधी टक्कर है, जहां तेजस्वी ने भी प्रचार किया।
परिवारिक तनाव: यह बयान लालू परिवार के आंतरिक कलह को उजागर करता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “तेज प्रताप vs तेजस्वी” की जंग बता रहे हैं। कुछ पोस्ट में अनुमान लगाया जा रहा है कि जेजेडडी 13-17 सीटें जीत सकती है, जो बहुमत वाले गठबंधन के लिए “किंगमेकर” साबित हो सकती है।
निहितार्थ और प्रतिक्रियाएं
राजनीतिक प्रभाव: अगर जेजेडडी को पर्याप्त सीटें मिलीं, तो तेज प्रताप का समर्थन एनडीए या महागठबंधन दोनों को मिल सकता है। एनडीए समर्थक इसे “विकास की जीत” बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे “परिवारिक विद्रोह”। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल वीडियो में लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि “तेज प्रताप बहुमत वाले के साथ चिपक जाएंगे”।
चुनावी अनुमान: कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, महागठबंधन पहले चरण में मजबूत दिख रहा है, लेकिन कुल मिलाकर एनडीए को फायदा हो सकता है। तेज प्रताप की जीत महुआ से परिवार के समीकरण बदल सकती है।






