प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 को अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले से जुड़ी है, जिसमें 68 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी का आरोप लगाया गया है। पाल, जो अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी हैं, को दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान हिरासत में लिया गया।
मामले की मुख्य बातें:
फर्जी बैंक गारंटी का मामला: रिलायंस पावर ने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को एक शेल कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी। इससे कंपनी के फंड्स का गलत तरीके से डायवर्शन हुआ, जिसमें बोगस इनवॉयसिंग और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल शामिल था।
ब्रॉडर जांच: यह गिरफ्तारी अनिल अंबानी ग्रुप (ADA ग्रुप) के 17,000 करोड़ रुपये के बड़े मनी लॉन्ड्रिंग प्रोब का हिस्सा है, जो यस बैंक से जुड़े फ्रॉड ट्रांजेक्शन्स से संबंधित है।
कोर्ट में पेशी: पाल को 13 अक्टूबर (सोमवार) को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ईडी ने दो दिनों की रिमांड मांगी है।
यह घटना अनिल अंबानी ग्रुप के लिए एक और झटका है, जो पहले से ही दिवालिया और फ्रॉड के आरोपों से जूझ रहा है। सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जहां कई यूजर्स इसे ग्रुप की वित्तीय अनियमितताओं का प्रमाण बता रहे हैं।10 𝕏 posts10 web pages1.3s








