उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने आज (16 अक्टूबर 2025) पटना में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम के दौरान बिहार में महिला सशक्तिकरण की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार ने इस दिशा में उत्तर प्रदेश से भी बेहतर काम किया है। उनका पूरा बयान कुछ इस प्रकार था: “यहां (बिहार में) पहले से जीविका दीदी का कार्यक्रम चल रहा है, मेरे पास भी ये मंत्रालय उत्तर प्रदेश के अंदर है और मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि उत्तर प्रदेश की दृष्टि से भी हम अगर देखें तो बिहार ने हमसे बहुत अच्छा काम महिलाओं के लिए किया है। महिलाओं की सशक्तिकरण का काम होना चाहिए क्योंकि ये भारत की मजबूती के लिए बिहार की मजबूती के लिए आवश्यक है।”
कार्यक्रम का संदर्भ
यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है, जब एनडीए और महागठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज है। पंचायत आजतक के मंच पर मौर्य बिहार चुनाव के सह-प्रभारी के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहलों की तारीफ की और इसे अन्य राज्यों के लिए मॉडल बताया।
बिहार की महिला सशक्तिकरण पहलों पर मुख्य बिंदु
मौर्य ने बिहार के प्रयासों को निम्नलिखित रूप से रेखांकित किया:
जीविका दीदी कार्यक्रम: यह बिहार में महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करने का मजबूत मॉडल है, जो यूपी के समकक्ष बेहतर साबित हुआ है।
वित्तीय सहायता: महिलाओं को शुरुआत में 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जो आगे बढ़कर 2 लाख रुपये तक हो सकती है। यह कोई वोट-केंद्रित शॉर्टकट नहीं, बल्कि सच्ची सशक्तिकरण की योजना है।
लक्ष्य: आधी आबादी को रोजगारयुक्त बनाना, जिससे हर परिवार मजबूत बने। उन्होंने इसे बिहार के गांवों के लिए आवश्यक बताया।
राजनीतिक टिप्पणी: विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के नौकरी वादों पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार के युवा उन पर भरोसा न करें, क्योंकि वे नौकरी के नाम पर जमीन हड़प लेते हैं।






