मुंबई। 28 जनवरी को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक चार्टर्ड Learjet 45XR विमान (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) मुंबई से बारामती जा रहा था। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान रनवे से पहले ही क्रैश हो गया, जिसमें भीषण आग लग गई। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोग (दो पायलट, एक क्रू मेंबर और एक सुरक्षा गार्ड) की मौके पर ही मौत हो गई।
यह विमान VSR Ventures प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था, जो एक पुराना (16 साल पुराना) विमान था। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, लैंडिंग के दौरान कंट्रोल लॉस हुआ, संभवतः कोहरे, विजिबिलिटी कम होने या पायलट एरर के कारण। CCTV फुटेज में विमान के तेजी से गिरने और एक्सप्लोजन के साथ जलने का दृश्य कैद हुआ है।
ब्लैक बॉक्स की मिस्ट्री
हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर – DFDR और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर – CVR) बरामद किया गया, लेकिन दोनों को आग की तीव्र गर्मी से क्षति पहुंची।
Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने बताया कि DFDR का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड हो गया है।
लेकिन CVR (जिसमें पायलटों की बातचीत रिकॉर्ड होती है) की डिटेल्ड जांच चल रही है, और इसके लिए अमेरिकी NTSB से मदद मांगी गई है। ब्लैक बॉक्स को आमतौर पर 1100°C तक की गर्मी, गहरे पानी का दबाव और हाई-स्पीड इंपैक्ट सहने के लिए डिजाइन किया जाता है, इसलिए परिवार और कुछ नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं।
कौन उठा रहा है सवाल और क्या आरोप?
जय पवार (अजित पवार के छोटे बेटे): उन्होंने कहा कि “ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं हो सकता”। उन्होंने गंभीर चूक की जांच, निष्पक्ष जांच और VSR Ventures पर बैन की मांग की।
रोहित पवार (अजित पवार के भतीजे, NCP विधायक): उन्होंने साजिश का आरोप लगाया, सबूत पेश किए (जैसे पायलट का आखिरी समय बदलना, फ्यूल टैंक फुल होना आदि)। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को जांच पूरी होने तक हटाने की मांग की।
सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी): उन्होंने CBI जांच की मांग की।
संजय राउत (शिवसेना UBT): ब्लैक बॉक्स जलने को “मिस्ट्री” बताया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
कई लोग इसे महज एक्सीडेंट मानते हैं (संभावित कारण: लैंडिंग एरर, खराब विजिबिलिटी, या मेंटेनेंस इश्यू), लेकिन परिवार के आरोपों से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। जांच AAIB कर रही है, जो अभी जारी है। कोई अंतिम रिपोर्ट नहीं आई, इसलिए “असली गुनहगार” अभी तय नहीं हुआ।








