बुरे समय की आंधियां !

तेज प्रभाकर का ढले, जब आती है शाम !
रहा सिकन्दर का कहाँ, सदा एक सा नाम !!
●●●
उगते सूरज को करे, दुनिया सदा सलाम !
नया कलेंडर साल का, लगता जैसे राम !!
●●●
तिनका-तिनका उड़ चले, छप्पर का अभिमान !
बुरे समय की आंधियां, तोड़े सभी गुमान !!
●●●
तिथियां बदले पल बदले, बदलेंगे सब ढंग !
खो जायेगा एक दिन, सौरभ तन का रंग !!
●●●
पाकर भी कुछ ना मिले, होकर जिम्मेवार !
कितना धोखेबाज है, सौरभ ये किरदार !!
●●●
प्रेम दिया या दर्द हो, सबका है आभार !
जीवन पथ पर है तभी, मिला मुझे विस्तार !!
●●●
हम पत्तों को सींचते, पर जड़ है बीमार !
सौरभ कैसे हो बता, ऐसे वृक्ष सुधार !!
●●●
डॉ. सत्यवान सौरभ,

  • Related Posts

    मलेशिया के इंजीनियर ने की थी आत्महत्या, ज्ञानेश कुमार IAS थे आरोपी, 20 साल पहले की वह घटना चर्चा में

    तिरुवनंतपुरम : चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार विवादों में हैं।…

    Continue reading
    “ काजल कोठा “ किताब को समाजवादी चिंतक प्रो . राज कुमार जैन दिया आशीष

    “ तू राजा होगा अपने घर का, ‌…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लो हो गया खेल, संधू और जोशी को बैठा दिया गया ज्ञानेश कुमार के साथ!

    लो हो गया खेल, संधू और जोशी को बैठा दिया गया ज्ञानेश कुमार के साथ!

    वाराणसी के शिवाजी महोत्सव में भाषण से दिल जीत लिया था सुन्दरलाल ने

    वाराणसी के शिवाजी महोत्सव में भाषण से दिल जीत लिया था सुन्दरलाल ने

    जब रासमणि को भी निर्धनों के सेवा में आनंद मिलने लगा था

    जब रासमणि को भी निर्धनों के सेवा में आनंद मिलने लगा था

    वोटों का हिसाब ..

    वोटों का हिसाब ..

    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड, कांटे के मैच में पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया 

    कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड, कांटे के मैच में पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया