बच्चों का कम्पट
लम्पट ही लम्पट …
न रोजगार है न व्यापार है
सिर्फ श्रृंगार ही श्रृंगार है …
न सुरक्षा है न शिक्षा है
सिर्फ भिक्षा ही भिक्षा है …
न दृष्टि है न सृष्टि है
सिर्फ़ तुष्टि ही तुष्टि है …
न वृद्धि है न समृद्धि है
सिर्फ भक्ति ही भक्ति है …
न विकास है न आस है
सिर्फ बकवास ही बकवास है ..
बाबा जी का बजट
बच्चों का कम्पट
लम्पट ही लम्पट …
केएम भाई








