बाबा जी आए, बाबा जी जाएं,
मंच सजाए, तंबू लगाए,
मिष्ठान मंगाए, जयकारे लगाए,
भाड़े पर थे सब बुलाए ।
हाथ हिलाए जैसे नेता चुनाव में,
मंच पे चढ़े जैसे मोर दिखाव में,
माइक पकड़ते ही बोले टेढ़े-मेढ़े,
जैसे गाड़ी चले बिना ब्रेक के पहाड़ में।
राम राम करि, सोना चांदी सब उड़ाए,
धरम करम की कुछ भी न बताएं,
बस अपन ही गुण गान गाए ।
बाबा जी आए, बाबा जी जाएं,
हंसी छुपाए, वादे बनाए,
जनता को बस सपने दिखाए,
राजनीति का खेल रचाए।
बाबा जी आए, बाबा जी जाएं,
राम राम करि, सोना चांदी सब उड़ाए..
केएम भाई








