नई दिल्ली/पटना। दीपक कुमार तिवारी।
बिहार के सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने संसद में अपने ऊपर हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को उन पर जानलेवा हमला हुआ और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें दलित और गरीब समझकर निशाना बनाया गया और पुलिस ने उल्टा उनके ही रिश्तेदार और भतीजे को जेल में डाल दिया।
सदन में गुहार, हंगामा:
मनोज कुमार ने बताया कि 30 जनवरी को जब वे अपने आवास खुदरा से लौट रहे थे, उस दौरान रास्ते में पैक्स चुनाव जीतने वाले सुनील जुलूस निकाल रहे थे। उनके ड्राइवर ने केवल यह अनुरोध किया कि शोर कम करें क्योंकि पास में स्कूल है, लेकिन इसके बाद भीड़ ने उनके ड्राइवर को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
इसके बाद, जब उनके छोटे भाई वहां पहुंचे, तो माहौल और बिगड़ गया। सांसद का आरोप है कि गांव के अपराधी तबके के लोग उनके स्कूल पर हमला करने लगे और जब वे समझाने पहुंचे तो उन पर पत्थरों से हमला हुआ।
“मेरी कभी भी हत्या हो सकती है”
सांसद ने सदन में हाथ जोड़ते हुए कहा कि उनका जीवन खतरे में है। उन्होंने कहा,
“मैं एक दलित, मजदूर और गरीब का बच्चा हूं। मेरी सुरक्षा की जाए। अपराधी कभी भी मेरी हत्या कर सकते हैं और दो दिन में जमानत भी मिल जाएगी।”
राजनीतिक उबाल:
सांसद के बयान के बाद संसद में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। अब देखना होगा कि इस मामले में सांसद को सुरक्षा मिलती है या नहीं।