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Bihar Politics : पीएम मोदी का खेल बिगाड़ सकता है अश्विनी चौबे का बयान!

केंद्र सरकार को संकट में डाल सकती है जदयू की नाराजगी

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र का दावा – एनडीए छोड़ इंडिया ब्लॉक में आएंगे नीतीश कुमार 

नीतीश के मंत्री जमा खान ने बीजेपी पर जताया समर्थन देने का एहसान 

अश्वनी चौबे के बयान को बीजेपी नेतृत्व ने न संभाला तो एनडीए से छिटक सकता है जदयू

 संयोग नहीं हो सकता चौबे का बयान और मोदी का जदयू सांसदों से मिलना

चरण सिंह

नई दिल्ली/पटना। बीजेपी के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का आयातित लोग  बर्दाश्त नहीं करेंगे वाला बयान केंद्र सरकार को  परेशानी में डाल सकता है। जदयू नेता चौबे के इस बयान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जोड़कर देख रहे हैं। जदयू सांसद संजय झा और प्रवक्ता अभिषेक झा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बताया है। उधर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जदयू सांसदों से मिलकर नीतीश कुमार के काम की सराहना की है। वह बात दूसरी है कि बीजेपी के किसी जिम्मेदार नेता ने अश्विनी चौबे के बयान का खंडन नहीं किया है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी भी पिछले दिनों अपने कार्यकर्ताओं से कह चुके हैं कि 2025 का विधान सभा चुनाव बीजेपी अपने दम पड़ लड़ेगी। नीतीश कुमार के अस्वस्थ रहने और ललन सिंह की अगुआई में जदयू के दस सांसदों के गृह मंत्री अमित के शाह के संपर्क में रहने की चर्चा मामले को गंभीर बना रही है।

दरअसल 293 सांसदों वाली एनडीए सरकार में नीतीश कुमार के 12 और टीडीपी के 16 सांसद बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये दोनों दल नाराज होकर यदि सरकार से अलग हो जाएं तो यह सरकार अल्पमत में आ जाएगी। वैसे भी बीजेपी के जदयू और टीडीपी को मंत्रालयों में तवज्जो न देकर एक तरह से दोनों ही दलों को नाराज कर दिया है।

भले ही जदयू बीजेपी के फैसलों में अपनी सहमति जताता रहा हो पर महत्वपूर्ण मंत्रालय न मिलने की तीस जदयू नेताओं में देखी जा रही है। ज्ञात हो कि टीडीपी के स्पीकर और गृह मंत्रालय मांगने की बात सामने आई थी पर टीडीपी को भी कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं मिला। स्पीकर पद बीजेपी ने अपने पास रखा है। ओम बिरला फिर से स्पीकर बने हैं। ऐसे में इंडिया ब्लॉक की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री और टीडीपी को गृह मंत्री पद का ऑफर मिलने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में चौबे का यह बयान जदयू और बीजेपी के संबंधों में दरार डालने का काम कर सकता है।

दरअसल अश्विनी चौबे ने एनडीए के 2025 का विधानसभा चुनाव भाजपा के नेतृत्व में लड़ने ओर एनडीए की सरकार बनने की बात कही है। उनका कहना है कि पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा अकेले दम पर आए और एनडीए को भी आगे बढ़ाए। मतलब सरकार बनाने में किसी संगठन की जरुरत न पड़े। चौबे ने नीतीश कुमार को लेकर कहा कि वो उनके साथ थे, हैं और रहेंगे।  ‘हम नीतीश कुमार को साथ लेकर चल रहे थे आज भी चल रहे हैं आगे भी चलेंगे।’ चौबे का आयातित लोगों को बर्दाश्त न करने की बात जदयू को अखर गई है। वैसे भी नीतीश कुमार का इतिहास पलटी मारने का रहा है। यदि उनको जदयू में टूट की आशंका हुई तो वह पाला जरूर बदल लेंगे।

उधर, जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय झा ने कहा कि बिहार में एनडीए का मतलब है नीतीश बताया है। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बिहार बीजेपी अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी कहा है कि वो 2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे।

उधर आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने आग में घी का काम कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही बीजेपी का साथ छोड़ देंगे और इंडिया ब्लॉक में उनकी वापसी होगी। इसके बाद बिहार से बीजेपी साफ हो जाएगी।

बिहार सरकार में जेडीयू के मंत्री जमा खान ने भी नीतीश कुमार के एनडीए से छिटकने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार के समर्थक उन्हें प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समझौता किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समझौता कर केंद्र में सरकार बनाना जरूरी समझा न कि खुद को प्रधानमंत्री। जेडीयू के मंत्री के इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि गठबंधन के बीच दरार पड़ सकती है।

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