महागठबंधन के साथ ही एनडीए के लिए भी चुनौती बना यह गठबंधन
तेजस्वी यादव के लिए बन सकता है खतरा, चंद्रशेखर की खुल सकती है लाटरी
बिहार के चुनाव में अब तक यह माना जा रहा था कि मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच है। प्रशांत कुमार की पार्टी जन सुराज इन दोनों ग गठबंधनों का खेल बिगड़ेगी। अब नया गठबंधन बनने के बाद अब यह लग रहा है कि काम चंद्रशेखर और असदुद्दीन पार्टी का गठबंधन इन तीनों का खेल बिगाड़ेंगे।
दरअसल असदुद्दीन ओवैसी का पहले से ही बिहार में वजूद है और गत दिनों भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने काफी मेहनत की है। जब भी दलितों के हक़ की लड़ाई को लेकर बिहार में आंदोलन हुआ है तभी भीम आर्मी और आज़ाद के कार्यकर्ता सड़कों पर लाठी डंडे खाते दिखाई दिए हैं। पिछले दिनों बोधगया में भी भिक्षुकों के आंदोलन को भीम आर्मी ने सहयोग दिया था। भीम आर्मी ने पटना में रैली कर अपना वजूद दिखाया था। भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद समय समय पर बिहार जाते रहे हैं।
उधर असदुद्दीन ओवैसी का भी बिहार में अच्छा खासा जनाधार है। गत विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी को 6 सीटें मिली थीं। मतलब ओवैसी और चंद्रशेखर दोनों मिलकर बिहार विधानसभा बड़ा खेल खिलाएंगे। पांच विधायक आरजेडी में चले गए थे । हालांकि स्वामी प्रसाद मौर्य का बिहार में कोई खास जनाधार नहीं है।
दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे मोर्चे का गठन हो चुका है। एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल नहीं किए जाने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने बिहार चुनाव के लिए चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ‘आजाद समाज’ एवं स्वामी प्रसाद मौर्य की ‘अपनी जनता पार्टी’ के साथ गठबंधन किया है।
गठबंधन को ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस’ नाम दिया गया है। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को किशनगंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि एआईएमआईएम 35 सीटों पर जबकि आजाद समाज पार्टी 25 और स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी अपनी जनता पार्टी चार सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अब देखना होगा कि इस गठबंधन से अन्य दलों को चुनाव में कितना नुकसान होता है।

