बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जमुई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए एक नया विभाग बनेगा, लेकिन अगर “लालू के बेटे” जीतते हैं तो वे “अपहरण का नया विभाग” खोलेंगे।
संदर्भ और मुख्य बिंदु:
“अगर हम जीतते हैं, तो बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए एक नया विभाग बनाएंगे, अगर लालू के बेटे (तेजस्वी) जीतते हैं, तो वे ‘अपहरण’ का एक नया विभाग खोलेंगे। भाषण का मुख्य फोकस: अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों की सराहना की, जैसे सड़कें, पुल, इथेनॉल प्लांट और चीनी मिलें। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल बिहार के पूर्ण विकास के लिए समर्पित होंगे। साथ ही, उन्होंने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल को “जंगलराज” बताते हुए अपहरण, वसूली और 20 से अधिक नरसंहारों का जिक्र किया, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी।
शाह ने नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय मोदी सरकार को दिया और कहा कि पहले वोटिंग शाम 3 बजे तक सीमित रहती थी, अब शाम 5 बजे तक हो रही है। उन्होंने जमुई के चोरमारा गांव का उदाहरण दिया, जो 25 साल बाद नक्सल-मुक्त हुआ। पहले चरण के मतदान को आरजेडी-कांग्रेस पर “क्लीन स्वीप” बताते हुए 11 नवंबर को जमुई में भाजपा के पक्ष में भारी मतदान की अपील की।
राजनीतिक प्रभाव
यह बयान भाजपा की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो विपक्ष पर “अराजकता लौटाने” का आरोप लगाकर विकास और स्थिरता का एजेंडा मजबूत कर रही है। आरजेडी पर अपहरण जैसे मुद्दों से जोड़कर शाह ने मतदाताओं को पुराने “जंगलराज” की याद दिलाने की कोशिश की, जो बिहार चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है। विपक्ष की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।






