द न्यूज 15
नई दिल्ली। भाजपा भले ही अपने राज पर नाज करती घूम रही है। केंद्र के साथ ही भाजपा शासित प्रदेशों में लोगों का दिल जीतने के दावे किये जा रहे हों पर पर कर्नाटक में भाजपा के नेता ही नहीं अपनी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करके देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बीजेपी कार्यकर्ता ने पीएम नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार पर आगाह करने के लिए आत्महत्या करने से पहले बाकायदा एक खत भी लिखा है। यह मामला सिविल कॉन्ट्रैक्टर और भाजपा समर्थक उडुपी का है। सुसाइड नोट में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा को जिम्मेदार ठहराया गया है।
आत्महत्या करने वाले बीजेपी समर्थक ने अपने दोस्तों को व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भी भेजा है।40 वर्षीय संतोष पाटिल ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री और भाजपा नेता के.एस. ईश्वरप्पा ने अपने गृह जिले बेलगाम के एक गाँव में 2021 में ठेकेदार द्वारा किए गए सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपये के बिल को मंजूरी देने के लिए 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। पाटिल ने सोमवार को दो दोस्तों के साथ होटल में चेक इन किया था। जब पाटिल ने दोस्तों का जवाब नहीं दिया तो उसके दोस्तों ने (जो दूसरे कमरे में थे) होटल के कर्मचारियों को जानकारी दी। जब स्टाफ ने अतिरिक्त चाबी से कमरा खोला तो वह (संतोष पाटिल) मृत पाया गया।
विपक्ष के हंगामे के बाद कर्नाटक पुलिस ने मंत्री के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज कर लिया है। मंत्री पर एफआईआर ठेकेदार के भाई की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की गई है। वहीं आज ही कांग्रेस प्रतिनिधमंडल डीके शिवकुमार के नेतृत्व में राज्यपाल थावर चंद गहलोत से मिलने पहुंचा और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग का ज्ञापन भी सौंपा।

