Aligarh Muslim University: प्रोफेसर के कॉलेज में नमाज पढ़ने पर विवाद

Aligarh Muslim University

Aligarh Muslim University-देश में हिंदू मुस्लिम मुद्दे के बीच अब एक और मामला सामने आया है। जिसमें अलीगढ़ के एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर का एक वीडियो वायकल हो रहा है। इस वीडियों में प्रोफेसर को कॉलेज कैंपस में नमाज ( Aligarh Muslim University) पढ़ते हुए देखा जा रहा है यह वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियों के वायरल होने के बाद प्रशासन ने प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया है। वीडियों के वायरल होने के बाद प्रोफेसर पर बहस छिड़ गई है। खबर आने के बाद अधिकारियों ने बातचीत में उन्होंनें कहा कि कुछ दिन पहले जो वीडियों सोशल मीडिया पर एक वीडियों सामने आया था जिसमें (Aligarh College) प्रोफ़ेसर एसके ख़ालिद को श्री वार्ष्णेय कॉलेज के परिसर के अंदर एक पार्क में नमाज़ (Namaz) पढ़ते देखा जा सकता है।

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वीडियों वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा सहित दक्षिणपंथी संगठनों ने प्रोफेसर और कॉलेज के खिलाफ़ विरोध करना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया पर कॉलेज में नमाज (Namaz) पढ़ने की खूब आलोचना की जा रही है और प्रोफेसर को एक महीने की छुट्टी पर भेजने को लेकर भी काफी बहस छिड़ी हुई हैं।

आधिकारियों का कहना है कि इस रविवार को गठित पैनल अपनी रिपोर्ट पेश करेगा और जांच कमेठी की मीटिंग में ही तय किया जाएगा कि प्रोफेसर को माफी मांगने की जरूरत है या नहीं।अलीगढ़ के दक्षिणपंथी समूहों का कहना है कि कॉलेज परिसर का इस्तेमाल धार्मिक आस्थाओं के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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Aligarh Professor namaz

एक मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास के प्रोफ़ेसर और स्तंभकार अभय कुमार ने कहा कि ‘एक धर्मनिरपेक्ष देश में अल्पसंख्यक समुदाय को इस तरह से निशाना बनाना एक दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि “यह भारत के संविधान का उल्लंघन है क्योंकि संविधान न केवल सभी धर्मों को उपासना की स्वतंत्रता देता है, बल्कि अपने धर्म का प्रचार करने की भी अनुमति देता है।”

अभय कुमार का कहना था कि वह कॉलेज (Aligarh College) प्रशासन की भी उतनी ही निंदा करेंगे जितनी वह दक्षिणपंथी सांप्रदायिक लोगों की निंदा करते हैं क्योंकि प्रशासन ने सांप्रदायिक लोगों के सामने घुटने टेक दिए।

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(Aligarh Muslim University) के इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर इस वीडियों के वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस मुद्दे पर जमकर प्रतिक्रिया की और कई यूज़र्स ने कहा कि सभी कॉलेजो में हिंदू धर्म की पूजा तो की जाती है।लेकिन वहीं जब नमाज पढ़ने की बात आती है तो सभी विरोध करके मुसलमानों को मोहरा बनाने लगते है।

दक्षिणी भारत के कर्नाटक राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने का मुद्दा अभी भी वैसा का वैसा ही है, जबकि मुसलमानों को कभी बीफ़ के नाम पर, कभी लव जिहाद के नाम पर, तो कभी केवल मुसलमान होने के संदेह में निशाना बनाया जा रहा है।

अलीगढ़ यूनिवर्सिटी ( Aligarh Muslim University) में हुई इस वायरल वीडियों और इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है कॉमेंट में जरूर बताइएगा।

 

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