लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर वोट का अधिकार छीना गया, तो आरक्षण भी खत्म हो जाएगा। यह बयान उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चल रही वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया के संदर्भ में आया है, जिसे अखिलेश ने संवैधानिक अधिकारों पर हमले का हथकंडा बताया है।
SIR क्या है और इसका संदर्भ?
SIR (Special Intensive Revision): यह चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट को तीव्रता से संशोधित किया जाता है। इसका उद्देश्य फर्जी वोटरों को हटाना और लिस्ट को अपडेट रखना बताया जाता है।
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में विवाद: इन राज्यों में SIR की जल्दबाजी पर सवाल उठे हैं, क्योंकि यहां 2025 में विधानसभा चुनाव होने हैं। अखिलेश का आरोप है कि बीजेपी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह कर रही है। बिहार में इसी प्रक्रिया से लाखों लोग वोटिंग से वंचित हो चुके हैं, और अब यूपी-बंगाल में भी वोट कटने का खतरा है।
अखिलेश यादव का पूरा बयान
अखिलेश ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों में कहा:
“हमारी अपील है कि सब अपना वोट बनवाएं, कटने से बचाएं वरना बीजेपी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के अधिकार को छीनने की तैयारी में है। वोट का अधिकार छिना तो आरक्षण भी खत्म होगा। जनता के तमाम दूसरे अधिकार जो संविधान से मिल रहे हैं, वो भी छीन जाएंगे।”
उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के दबाव में वोट काटने का काम तेज करने का आरोप लगाया।
बीजेपी को रोटी-रोजगार देने के बजाय विपक्षी नेताओं (जैसे आजम खान, गायत्री प्रजापति) को झूठे मुकदमों में फंसाने वाला बताया।
यूपी में भ्रष्टाचार, फर्जी एनकाउंटर, हिरासत में मौतें, महिलाओं-बच्चियों पर अपराध और संचार साथी ऐप को जासूसी का माध्यम बताते हुए कहा कि जनता 2025 चुनाव में बीजेपी को हटाने के लिए संकल्पित है, ताकि निजता, सम्मान, हक और आरक्षण बचे रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी की ओर से: अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बीजेपी आमतौर पर ऐसी प्रक्रियाओं को पारदर्शिता बढ़ाने का बताती है।
सपा की अपील: पार्टी कार्यकर्ताओं को वोटर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। अखिलेश ने कहा कि यह डॉ. अंबेडकर के संविधान पर सीधा हमला है, जो दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को प्रभावित करेगा।
विपक्ष का समर्थन: अन्य विपक्षी दल भी SIR को वोट बैंक मैनिपुलेशन का हथियार मान रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है।
विपक्ष का समर्थन: अन्य विपक्षी दल भी SIR को वोट बैंक मैनिपुलेशन का हथियार मान रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है।

