अखिलेश यादव ने हाल ही में (29 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा में) डबल इंजन सरकार (केंद्र और उत्तर प्रदेश में एक ही पार्टी की सरकार) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषण (राष्ट्रपति के अभिभाषण के संदर्भ में) में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र (वाराणसी) में मेट्रो निर्माण नहीं होने दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने वाराणसी के लिए DPR (Detailed Project Report) तैयार किया था और बजट भी आवंटित किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। अखिलेश ने इसे डबल इंजन सरकार की विफलता बताया, जहां केंद्र और राज्य के बीच तालमेल की कमी से विकास रुक रहा है।
यह बयान केंद्रीय बजट, यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और नोएडा में इंजीनियर की मौत जैसे अन्य मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया के दौरान आया। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में चल रही कई मेट्रो परियोजनाएं (जैसे लखनऊ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, आगरा) समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की देन हैं, और वर्तमान सरकार ने नई मेट्रो शुरू करने में ज्यादा योगदान नहीं दिया।
यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से डबल इंजन के नारे पर कटाक्ष है, जो अक्सर बीजेपी द्वारा विकास के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अखिलेश इसे “टकराव” या “विफलता” के रूप में पेश करते हैं।








