समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले अखिलेश ने आजम खान की एक खास अपील को मान लिया, जो एक बड़ा राजनीतिक फैसला माना जा रहा है। आजम खान ने अपील की थी कि अखिलेश सिर्फ अकेले उनके घर आएं, बिना किसी अन्य नेता या साथी के। अखिलेश ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया और बरेली हवाई अड्डे पर रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद वे अकेले आजम खान के आवास पर पहुंचे और उनसे निजी तौर पर मुलाकात की।
मुलाकात का पृष्ठभूमि और महत्व
- आजम की नाराजगी दूर करने का प्रयास: आजम खान करीब 23-24 महीने जेल में रहने के बाद हाल ही में रिहा हुए हैं। वे पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर नाराज थे, खासकर कि अखिलेश उनसे अकेले न मिलने पर। यह मुलाकात उनकी नाराजगी को शांत करने और पार्टी में एकजुटता लाने के उद्देश्य से हुई।
- राजनीतिक निहितार्थ: जानकारों के अनुसार, यह मुलाकात 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति से जुड़ी हो सकती है। आजम खान रामपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में पार्टी के लिए मजबूत नेता हैं, और उनकी वापसी से सपा को फायदा हो सकता है। पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि आजम हमेशा से वरिष्ठ नेता रहे हैं, और भाजपा पर उन पर झूठे मुकदमे लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर ये फर्जी केस वापस लिए जाएंगे।
- अन्य विवाद: मुलाकात से पहले रूट को लेकर भी विवाद हुआ। अखिलेश बरेली रूट पर अड़े थे, जबकि प्रशासन मुरादाबाद का सुझाव दे रहा था। हालांकि, यह मुद्दा सुलझ गया।

