कॉर्पोरेट-हिंदुत्व-राज्य गठजोड़ मिलकर कर रहा लोकतंत्र पर हमला
लेबर कोड आधुनिक गुलामी के दस्तावेज
लखनऊ । मजदूर विरोधी चार लेबर कोड की वापसी, बिजली समेत जन हितैषी सार्वजनिक उद्योग के निजीकरण पर रोक, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून, रोजगार का मौलिक अधिकार और भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते को संसद के पटल पर रखने जैसे सवालों पर मजदूर संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय हड़ताल की सफलता पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्य समिति ने बधाई दी है। पूरे देश में मजदूरों, किसानों, नागरिकों के साथ एआईपीएफ कार्यकर्ता इस हड़ताल में शामिल रहे। लखनऊ में डीएलसी ऑफिस पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया गया।
प्रेस को जारी बयान में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्य समिति ने कहा कि आज देशी-विदेशी कॉरपोरेट, हिंदुत्व और राज्य के गठजोड़ ने लोकतंत्र और आर्थिक संप्रभुता पर हमला बोल दिया है। मोदी सरकार ने भारतीय हितों को अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में गिरवी रख दिया है। देश के प्रमुख कृषि, डेयरी उद्योग को अमेरिकी हितों के लिए तबाह करने पर सरकार आमादा है। सरकार इसे संसद के पटल पर रखने की न्यूनतम संवैधानिक मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है।
बयान में कहा गया कि देशी-विदेशी पूंजी के हितों को पूरा करने के लिए श्रम कानूनों को खत्म करने का जो प्रयास मोदी सरकार कर रही है वह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। सच्चाई यह है कि तमाम प्रयासों के बावजूद विदेशी पूंजी का प्रवाह भारत की तरफ बढ़ने के बजाय देश से बड़े पैमाने पर पूंजी पलायन कर रही है। श्रम कानूनों को बदलकर लाए गए लेबर कोड आधुनिक गुलामी के दस्तावेज हैं। इससे मजदूरों की छंटनी, असुरक्षित कार्यस्थितियां अमानवीय शोषण और बेहद कम मजदूरी पर काम करना बढ़ेगा। मजदूरों की इन हालातों के कारण क्रय शक्ति में आई कमी देश में पहले से जारी आर्थिक संकट व मंदी को और भी बढ़ाएगा।
कार्यक्रमों में लखनऊ में एआईपीएफ प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, झारखंड में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह, पुष्पा उरांव, प्रयागराज में राजेश सचान, सीतापुर में प्रदेश सचिव डाक्टर बृज बिहारी, सुनीला रावत, सोनभद्र में राजेन्द्र प्रसाद गोंड, चंदौली में अजय राय, रहीमुद्दीन, आगरा में इंजीनियर दुर्गा प्रसाद आदि लोगों ने नेतृत्व किया।
एस. आर. दारापुरी,
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट








