अभिजीत पाण्डेय
पटना। सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले अब रांची रिम्स की फर्स्ट ईयर की छात्रा सहित पटना से एक और आरोपित सुरेंद्र कुमार पर शिकंजा कसा है। नीट यूजी पेपर लीक मामले में सौल्वर गिरोह के साथ कथित संलिप्तता के लिए सीबीआई ने रिम्स छात्रा को हिरासत में लिया है।
रिम्स सूत्रों का कहना है कि उसे पूछताछ के लिए 17 जुलाई की शाम मे सीबीआई की टीम हिरासत मे लिया था। जो कि फिलहाल भी सीबीआई की हिरासत में बताई जा रही है। सीबीआई ने छात्रा के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और सेल फोन जब्त कर लिए हैं। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि उसने हल किया हुआ उत्तर भेजा था या नहीं। सीबीआई ने पहले से गिरफ्तार किए गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की है।
वहीं सीबीआई को शक है कि सुरेंद्र कुमार परीक्षा माफिया और गिरफ्तार पटना एम्स के स्टूडेंट्स के बीच बिचौलिया है। पटना एम्स के गिरफ्तार स्टूडेंट्स इस बिचौलिया के संपर्क में थे। पटना एम्स के स्टूडेंट्स ने पूछताछ में सुरेंद्र कुमार का नाम बताया है। इसके बाद इसे भी हिरासत में ले लिया गया।
इस मामले में गुरुवार को पटना स्थित एम्स में पढ़ने वाले एमबीबीएस के चार विद्यार्थियों को गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में अधिकारियों ने भी जानकारी मुहैया कराई है।अधिकारियों ने बताया कि एमबीबीएस के तीसरे वर्ष के तीन छात्रों चंदन सिंह, राहुल अनंत व कुमार शानू और दूसरे वर्ष के एक छात्र करन जैन को पूछताछ के बाद सीबीआई टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि एम्स के वरिष्ठ संकाय सदस्यों की मौजूदगी में छात्रों को छात्रावास के उनके कमरों से ले जाया गया। उन्हें बताया गया था कि जांच के लिए छात्रों की जरूरत है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने छात्रावास के उनके कमरों को भी सील कर दिया है।
पंकज और राजू भी सीबीआई की रिमांड पर हैं। एम्स स्टूडेंट्स, सुरेंद्र, पंकज और राजू को भी आमने-सामने बैठा कर सीबीआई की टीम पूछताछ करेगी। गिरफ्तार आरोपित छात्रों का नाम चंदन कुमार, राहुल कुमार, करण जैन और कुमार शानू है। इसमें तीसरे साल के तीन और दूसरे साल का एक स्टूडेंट है। कुल 10 मेडिकल स्टूडेंट्स से पेपर सॉल्व करवाने का शक है। इसमें से छह बिहार और चार झारखंड के हैं। सीबीआई की टीम बाकी छात्रों की भी तलाश में जुटी है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित
अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। बिहार में दर्ज प्राथमिकी प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में दर्ज शेष प्राथमिकी अभ्यर्थियों के स्थान पर किसी और के परीक्षा देने और धोखाधड़ी से संबंधित है।








