इधर ईरान-इजरायल युद्ध चल रहा है दूसरी ओर अफगान ने पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर ऑपरेशन ‘घज़ाब लिल हक़’ के तहत एयरस्ट्राइक किए। इसमें काबुल, कंधार, पक्तिया, पक्तिका और अन्य इलाकों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का दावा — 200+ तालिबानी लड़ाके मारे गए, सैन्य ठिकाने तबाह। उन्होंने इसे “ओपन वॉर” बताया।
तालिबान का पलटवार (चंद घंटों में): तालिबान ने उसी रात/अगली सुबह ड्रोन हमलों का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके ड्रोन पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया अब्बोटाबाद, स्वाबी, नौशहरा, जामरूद, फैजाबाद (इस्लामाबाद के पास) और कुछ रिपोर्टों में रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस भी। तालिबान ने इसे “एयरस्ट्राइक का जवाब” बताया और कुछ पोस्ट्स में वीडियो भी शेयर किए (बाद में डिलीट)।
पाकिस्तान का जवाब:
पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार और सेना ने कहा — ये ड्रोन TTP आतंकियों के थे (तालिबान सरकार के नहीं), एंटी-ड्रोन सिस्टम ने सब मार गिराए। कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। एक ड्रोन स्वाबी में गिरा तो एक छात्र घायल हुआ, लेकिन बड़े हमले विफल। पाकिस्तान ने पूरे देश में ड्रोन उड़ान पर बैन लगा दिया।
वर्तमान स्थिति (मार्च 2026 तक):
संघर्ष अभी भी जारी है — सीमा पर गोलीबारी, छोटे-मोटे हमले चल रहे हैं।
दोनों तरफ सैकड़ों सैनिक/लड़ाके मारे जाने के दावे, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल।
1 लाख+ अफगान शरणार्थी विस्थापित हो चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रयास (तुर्की, ईरान, चीन) बातचीत के लिए कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई बड़ा समझौता नहीं।
निष्कर्ष: तालिबान ने “अफगान ड्रोन पाकिस्तान के शहरों में घुसे” का दावा जरूर किया और चंद घंटों में पलटवार भी किया, लेकिन पाकिस्तान इसे पूरी तरह नाकाम बता रहा है। भारतीय/पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स अक्सर एक तरफा या सनसनीखेज तरीके से चला रहे हैं — असली तस्वीर conflicting claims वाली है।






