छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक महिला को उसके लिव-इन पार्टनर ने शराब के नशे में विवाद के बाद बेरहमी से मार डाला। शव को बोरे में बंद कर नाले में फेंक दिया गया, जो 8 दिनों तक सड़ता रहा। पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझा ली है और तीनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। यहां पूरी घटना का विवरण:
पीड़िता की पृष्ठभूमि और रिश्ते
नाम और उम्र: आरती निर्मलकर उर्फ भारती (34 वर्ष), भिलाई (दुर्ग) की रहने वाली।
जीवन और आदतें: आरती शराब और तंबाकू की आदी थी। उसके हाथों पर पहले दो पतियों के नाम (‘सुरेश’ और ‘लखन’) टैटू गुदवाए हुए थे। उसने दोनों शादियां तोड़ीं और पिछले 4-5 महीनों से तीसरे साथी तुलाराम बंजारे (33) के साथ कोसानगर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
रिश्ते की कड़वाहट: दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे, लेकिन आरती की शराब की लत तुलाराम के लिए परेशानी का सबब बनी। वह नशे में बेकाबू हो जाती, घर से बाहर किसी से झगड़ा कर लेती और तुलाराम के पैसे से शराब पीने चली जाती। तुलाराम अक्सर इसकी शिकायत करता।
हत्या की घटना
तारीख और जगह: 5 दिसंबर 2025 की शाम, कोसानगर स्थित उनके रहने वाले घर में।
कैसे हुआ: दोनों ने शराब पार्टी की और खाना खाया। नशे में चूर होने पर किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। गुस्साए तुलाराम ने आरती को थप्पड़ मारा, गला दबाया और सिर दीवार पर पटक दिया। इससे आरती जमीन पर गिर पड़ी और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शव निपटान: हत्या के बाद तुलाराम ने आरती के कपड़े उतारकर चूल्हे में जला दिए। शव को घुटनों से मोड़कर प्लास्टिक की रस्सी से बांधा (ताकि छोटा हो जाए), फिर प्लास्टिक बोरी में पैक किया। अपने भाई गोवर्धन प्रसाद बंजारे (28) और दोस्त ऑटो ड्राइवर शक्ति भौयर (42) की मदद से शव को शक्ति की ऑटो में लादा। रातभर शहर में घूमते रहे। 6 दिसंबर की तड़के 3 बजे चंद्रा-मौर्या अंडर ब्रिज के पास नाले में शव फेंक दिया। जगह चहल-पहल वाली होने के बावजूद सन्नाटे का फायदा उठाया।
शव की बरामदी और जांच
बरामदगी: 13 दिसंबर 2025 को चंद्रा-मौर्या टॉकीज के पास नाले से बोरे में बंद सड़ी-गली लाश मिली। शव 8 दिनों से नाले में पड़ा था, जिससे बदबू फैल रही थी। हाथ पर टैटू और अन्य निशानों से पहचान की कोशिश की गई।
पुलिस की कार्रवाई: सुपेला थाना पुलिस ने टैटू की फोटो मीडिया में जारी की। सुपेला निवासी अमरौतिन ने तुलाराम को शव की पहचान बताई, लेकिन तुलाराम ने झूठ बोला कि आरती नागपुर अपने पिता के पास गई है। 17 दिसंबर को अमरौतिन ने थाने में शिकायत की। पूछताछ में तुलाराम टूट गया और हत्या कबूल ली।
गिरफ्तारियां: 18 दिसंबर को तुलाराम, गोवर्धन और शक्ति को गिरफ्तार किया गया। तीनों पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप।








