बुलंदशहर : यूपी के बुलंदशहर में गैंगरेप पीड़िता ने दो पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने और रेप करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप हैं कि खुर्जा थाने में तैनात दारोगा इकराम ने उसके साथ कई बार रेप किया और इंस्पेक्टर शुभम् राठी ने 50 हज़ार रुपये की रिश्वत मांगी। ये मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पीड़ित महिला का आरोप है साल 2024 में तीन मुस्लिम युवकों ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर अगवा कर कर लिया और उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने उसे 48 दिनों तक बंधक बनाकर रखा, इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और करंट लगाया गया।
महिला ने पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
महिला ने कहा कि कई दिनों बाद वो किसी तरह उनके चंगुल से छूटी जिसके बाद खुर्जा थाने में उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप में जांच अधिकारी इकराम ने उसका मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराया, वहीं जब उसके पति ने कार्रवाई के लिए कहा तो उसके साथ मारपीट की।
आरोपी दारोगा ने पीड़िता के पति को हवालात में बंद कर पीटा और उसे छोड़ने के लिए रिश्वत की मांग की. जब पीड़िता रिश्वत के पैसे नहीं दे पाई तो उसके साथ रेप किया. पीड़िता ने दारोगा शुभम राठी पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया और दारोगा इकराम पर गैंगरेप पीड़िता से रेप का आरोप लगाया।
महिला ने कहा कि आरोप दारोगा उसे थाने से बाहर किसी और के घर ले जाता था। घटना के दौरान थाने के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए जाते थे। आरोपी पुलिसकर्मी दारोगा शुभम् राठी और दारोगा इकराम थाना खुर्जा नगर कोतवाली में तैनात है।
सीओ पूर्णिमा सिंह ने कही ये बात
इस मामले पर खुर्जा सीओ पूर्णिमा सिंह ने कहा कि थाना खुर्जा क्षेत्र में एक महिला का वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अपने मुकदमे के संबंध में विवेचक और एक अन्य पुलिसकर्मी पर आरोप लगा रही है. उक्त महिला द्वारा खुर्जा थाने में रेप करने की तहरीर दी गई।
जिस पर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत किया गया। पीड़िता द्वारा उक्त घटना में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की बात भी कही गई, जिसके बारे में सघन जाँच की गई तो उनकी लोकेशन घटना से काफी दूर अलग जगह पर मिली. उनका रोल नहीं मिला है। महिला का एक और वीडियो भी आया है उसकी जांच की जा रही हैं. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरने की कोशिश की है। सपा मुखिया ने एक्स पर लिखा- ‘ये है भाजपा राज में महिला सुरक्षा का सच: पहले उप्र की एक महिला का अपहरण, फिर नशे में रखकर 48 दिनों तक सामूहिक कुकर्म व उसके बाद दो पुलिसकर्मियों द्वारा पुनः कुकर्म. महिला आयोग है या वो भी भाजपा सरकार की तरह शून्य हो गया है. घोर निंदनीय! भाजपा जाए तो महिला सुरक्षा आए!’








