पाकिस्तान जो खुद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 1.2 अरब डॉलर के कर्ज की मंजूरी का इंतजार कर रहा है वो 2027 में IMF और विश्व बैंक समूह (WBG) दोनों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता करेगा। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 1953 के बाद यह पहली बार होगा जब इस्लामाबाद इस पद की कमान संभालेगा। IMF ने मंगलवार को कहा कि 2026-27 और 2027-28 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। IMF के ताजा अनुमान बताते हैं कि भारत की तेज विकास दर उस समय भी बनी रह सकती है, जब इनकम टैक्स में कटौती और GST के रेशनलाइजेशन जैसे नीतिगत उपायों से मिलने वाला अस्थायी फायदा कम हो जाएगा।
इस्लामाबाद के लिए मील का पत्थर
पाकिस्तान को कुल कितना मिलेगा लोन
इन दो भुगतानों में 7 अरब डॉलर की ‘एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी’ शामिल है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन की जरूरतों को आसान बनाना और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाना है. इसमें 1.4 अरब डॉलर की ‘रेज़िलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी’ (RSF) भी शामिल है, जो जलवायु से जुड़े खतरों को कम करने के प्रयासों में मदद करती है।







