नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुआ नुकसान बेहद ही चिंताजनक है। भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है. इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ की संभावना के लिहाज से स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल में आई अचानक बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.आपातकालीन नंबरों (+977 985 131 6807, +977 970 910 7500) पर संपर्क किया जा सकता है. बता दें, बाढ़ में अब तक 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है, इसमें 105 भारतीय टूरिस्ट भी शामिल हैं। बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
बाढ़ पर केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद का बयान
बिहार बाढ़ की स्थिति पर केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, बिहार में बाढ़ की स्थिति बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बाढ़ में राज्यों को सहयोग करने के तत्पर हो जाती है। इस बारिश के मौसम के पहले ही गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पूरी तैयारी कर ली गई है। जिन राज्यों में कहीं भी बाढ़ की स्थिति बनी है तो पूरी तरह से उसमें सहयोग किया जाएगा। सभी क्षेत्र में NDRF की टीम तैयार है टीम लोगों का सहयोग कर रही है।
बिहार सीएम ने बाढ़ को लेकर की बैठक, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
बिहार सीएम सम्राट चौधरी ने नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए बिहार में संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए. खासकर गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए तथा संभावित प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।