वरिष्ठ पत्रकार और कृषि मामलों के विशेषज्ञ पी साईंनाथ ने लगाया बड़ा आरोप
किसानों को मिल रही मामूली राहत बीमा कंपनियों को दिया जा रहा मोटा मुनाफा
महाराष्ट्र के परभणी जिले का दिया उदाहरण, सोयाबीन की फसल के लिए महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मिलकर एक निजी बीमा कंपनी को दिए 173 करोड़ रुपए,
किसानों को मुआवजे के तौर पर मिले मिले करीब 30 करोड़ रुपए
चरण सिंह
प्रधानमंत्री जी अपनी हर योजना में पूंजीपतियों को फायदा करा ही देते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लाई गई किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए पर फायदा उठा रही हैं बीमा कंपनियां। वैसे तो इस योजना पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बीमा कंपनियों को फायदा दिलाने वाली योजना बताया जा रहा है पर अब देश के बड़े पत्रकार और कृषि मामलों के विशेषज्ञ पी. साईंनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फसल बीमा योजना का मौजूदा ढांचा किसानों को पर्याप्त राहत देने के बजाय निजी कंपनियों के लिए मुनाफे का जरिया बना दिया गया है।
साईनाथ ने महाराष्ट्र के परभणी जिले का उदाहरण देते हुए योजना के तहत प्रीमियम और मुआवजे के बीच कथित अंतर को सामने रखा है। उनके अनुसार एक सीजन में सोयाबीन की फसल के लिए किसानों, महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मिलकर एक निजी बीमा कंपनी को करीब 173 करोड़ रुपये का प्रीमियम दिया गया। साईंनाथ का दावा है कि उस सीजन में फसल को भारी नुकसान हुआ है। इन सबके बावजूद किसानों को करीब 30 करोड़ रुपये ही मुआवजे के तौर पर मिले हैं। मतलब इस तरह प्रीमियम और भुगतान के बीच करीब 143 करोड़ रुपये का अंतर रहा।
साईनाथ के अनुसार फसल बीमा योजना में किसानों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारें बड़ी रकम प्रीमियम के तौर पर देती हैं पर यह सरकार का खेल है कि फसल खराब होने पर किसानों को मिलने वाला मुआवजा उसके मुकाबले काफी कम रहता है। उनके अनुसार इस व्यवस्था से किसानों को मामूली सी राहत पर चुनिंदा निजी बीमा कंपनियों को बड़ा आर्थिक फायदा पहुंचता है।
साईनाथ का आरोप है कि PMFBY में सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रीमियम सब्सिडी का बड़ा हिस्सा निजी बीमा कंपनियों तक पहुंचता है। उनका कहना है कि जिस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदा और फसल नुकसान से सुरक्षा देना है, उसका ढांचा ऐसा होना चाहिए जिसमें किसान को समय पर और पर्याप्त मुआवजा मिले।






