केंद्र सरकार से आरपार का संघर्ष करने के मूड में हैं किसान
26 नवंबर से 100 स्थानों पर लगेगा किसानों का पक्का मोर्चा
किसानों की मांगे सरकार को माननी पड़ेगी!
डॉ. सुनीलम
किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 344 वीं किसान पंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पंचायत में विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं ने किसानों को एमएसपी@सी2+50% पर खरीद की कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जामुक्ति, 10 अगस्त के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की स्मृति में ‘जेल भरो आंदोलन’, भूमि अधिग्रहण पर रोक, 17 अगस्त को जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपना, 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के शहीदों का स्मृति दिवस मनाना तथा 26 नवंबर को 100 स्थानों पर पक्का मोर्चा लगाने सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई।
किसान पंचायत को हरियाणा से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, बीड महाराष्ट्र से किसान संघर्ष समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो सुशीला ताई मोराळे, छिंदवाड़ा से किसंस प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, पंजाब से किसान यूनियन राज्य कमेटी सदस्य जसबीर कौर, प्रदेश महासचिव गुरनामसिंह भिक्की, बिहार से किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा, अलीगढ़ उ प्र से क्रांतिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री शशिकांत, हरियाणा से राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ से भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराज विद्रोही, रीवा से किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता एड. शिवसिंह, किसंस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, इंदौर से मालवा निमाड़ क्षेत्र संयोजक रामस्वरूप मंत्री, सिवनी से प्रदेश सचिव डॉ राजकुमार सनोडिया, ग्वालियर से प्रदेश सचिव शत्रुघ्न यादव आदि किसान नेताओं ने संबोधित किया।
किसान पंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीलम ने कहा कि 6 वर्ष पहले किसानों का आंदोलन बिना किसी पूर्व तैयारी के हुआ था लेकिन अब देश भर के किसान संगठन एक साथ आकर एमएसपी की कानूनी गारंटी, संपूर्ण कर्जा मुक्ति भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, बिजली संशोधन बिल और बीज विधेयक रद्द करने, भारत अमेरिका ट्रेड डील रद्द कराने के लिए लंबी तैयारी के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से किसानों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म कर किसान संगठन किसानों को न्याय दिलाएंगे।
प्रो सुशीला ताई मोराळे ने कहा कि महाराष्ट्र का किसान बर्बादी की कगार पर खड़ा है। 2025 में महाराष्ट्र के 9 ज़िलों में अतिवृष्टि से फसल सहित ज़मीन बह गई थी। महाराष्ट्र में 66,000 किसान प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया और ₹17,500 प्रति हेक्टेयर फसल बीमा मुआवज़े का वादा किया, फिर भी किसान अभी भी भुगतान का इंतज़ार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि भूमि अडानी और अंबानी जैसी बड़े कॉर्पोरेट को सौंपने की सरकार की कोशिशें चल रही हैं।
कॉ इंद्रजीत सिंह ने कहा कि छात्र आंदोलन ने देश की राजनीतिक, सामाजिक परिस्थिति को गहरे रूप से प्रभावित किया है। सरकार की संसद में आकर जवाब देने की हिम्मत नहीं हो रही है। 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन के तहत 1000 स्थानों पर 10 लाख गिरफ्तारियां की रिपोर्टे आई है। जेल भरो, रास्ता रोको आंदोलन में महिलाओं ने बढ़कर भाग लिया है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील से घरेलू बाजार में कीमतें गिरेंगी, किसानों की आय घटेगी जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी।
जसबीर कौर ने कहा कि देश में दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। 10अगस्त के जेल भरो आंदोलन में महिलाओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी, देश में परिवर्तन का संकेत है। 26 नवंबर को कई स्थानों पर पक्के मोर्चे लगेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन ने देश को संघर्ष की एक नई ऊर्जा दी है।
पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा केंद्र सरकार ने जनता के विभिन्न हिस्सों पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है। जिसे किसानों ने पहले ही समझ लिया था। ट्रेड डील एक तरफा समझौता है। अमेरिकी संसद ने बिल पास कर भारत के साथ ट्रेड डील कर 100% टैरिफ लगाने का निर्णय किया है। चार श्रम कोड का श्रमिकों पर दूसरा बड़ा हमला किया गया है।
शशिकांत ने कहा कि कॉर्पोरेट परस्त तानाशाही सरकार से मुक्ति के लिए हर वर्ग एकजुट हो रहा है। 26 नवंबर तक यह आंदोलन नया रूप लेगा।
गुरनाम सिंह भिक्की ने कहा कि पंजाब संघर्षों की भूमि रही है । यहां किसानों, छात्रों, नौजवानों, वंचितों को एक मंच पर लाकर बड़े संघर्ष की तैयारी शुरू हो चुकी है।
हरजिंदर सिंह ने कहा कि देश की जनता सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और अब बीजेपी भी समझ चुकी है कि देश की ग्राउंड स्थिति क्या है । विकास की बात सरकार कर रही थी लेकिन वह विनाश था। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बहुजन संवाद यूट्यूब चैनल एवं फेसबुक पेज पर किया गया।







