हरियाणा में 29 दिन से धरने पर 2 हजार फायरकर्मी, 10 मई से राज्यभर में चक्का-जाम की चेतावनी

हरियाणा में 2000 से ज्यादा फायर कर्मचारी पिछले 29 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार जरूरी सेवाओं में तैनात अपने ही कर्मचारियों को उनका हक नहीं दे रही है। वेतन विसंगति, पक्की नौकरी और सुविधाओं की मांग को लेकर कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई ठोस बातचीत नहीं हुई है। वही अनट्रेंड कर्मचारियों को बिना सेफ्टी के साथ आगजनी में झोंका जा रहा है, जिसके चलते फिर से दमकल कर्मचारियों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। अब दमकल कर्मचारियों ने सरकार को 10 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर 10 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।

10 मई को हरियाणा जाम करने की चेतावनी

 

इतना ही नहीं 10 मई को मेयर चुनाव होने हैं. उससे पहले फायर कर्मचारीयों द्वारा पूरे हरियाणा को जाम करने की बात कही जा रही है। 29 दिन से जारी इस हड़ताल से हरियाणा में आगजनी की घटनाओं से निपटने की व्यवस्था चरमरा गई है। जनता में डर है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो गर्मी के मौसम में कोई बड़ी घटना होने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मजबूरी में उन्हें ये कदम उठाना पड़ रहा है क्योंकि सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। हरियाणा के फायर कर्मचारी फरीदाबाद अग्निकांड के दौरान दो फायर कर्मचारियों की जलने से मौत हो गई थी। उनके परिवार को एक-एक करोड़ की राशि राहत के तौर पर और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग लगातार फायर यूनियन कर रही थी।

 

सरकार की तरफ से नहीं मिला कोई समाधान

कई बार की बातचीत के बाद भी सरकार की तरफ से कोई समाधान न निकलने के कारण फायर कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। हालांकि सरकार 20-20 लख रुपए कर्मचारियों के परिवार को देने के लिए रजामंद हो गई थी, लेकिन यूनियन का कहना है कि एक-एक करोड़ की राशि राहत के तौर पर उनके परिवार को दी जाए। सरकार इस मांग पर राजी नहीं हो रही है, जिसके बाद लगातार पूरे हरियाणा के फायर कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। अब देखना यह होगा कि कब तक फायर कर्मचारी हड़ताल पर बैठते हैं और क्या सरकार इनकी मांगे पूरी कर पाती है या नहीं।

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