महिला मजदूरों के शोषण, फसल नुकसान और किसानों की समस्याओं पर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय
50 किलो पर 2 किलो अतिरिक्त गेहूं लेना किसानों की लूट
आज किसान संघर्ष समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि मोदी सरकार से सब परेशान हैं। सभी समूहों को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। मजबूत संगठनों की ताकत, किसानों मजदूरों की प्रतिबद्धता और सामूहिक रणनीति से ही सरकारों का मुकाबला किया जा सकता है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. सुशीला ताई मोराळे एवं प्रदेश अध्यक्ष एड. आराधना भार्गव ने महाराष्ट्र के बीड एवं उस्मानाबाद जिलों से गन्ना कटाई हेतु ‘चीनी पट्टी’ (सांगली, कोल्हापुर आदि) में जाने वाली कम उम्र की 13000 से अधिक महिला मजदूरों के गर्भाशय निकाले जाने के मामलों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर सरकार की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। उन्होंने मांग की कि कार्यस्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, इस कुप्रथा पर सख्त रोक लगे, महिला मजदूरों को 6 माह का सवेतन अवकाश दिया जाए जिसका खर्च सरकार एवं चीनी मिलें वहन करें, तथा स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं आवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय प्रवक्ता चरणसिंह राजपूत ने कहा कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
राष्ट्रीय सचिव शशिभूषण चौहान ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों और आम जनता को जागरूक कर संघर्ष के लिए तैयार करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुहेल कादरी ने कहा कि किसान के मुद्दों को राष्ट्रीय चैनलों पर पर्याप्त स्थान नहीं मिलता, इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिसके चलते मंडियों एवं उपार्जन केंद्रों पर खरीद से इंकार किया जा रहा है। उन्होंने ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं की उपज के FAQ मानकों में ढील देने तथा प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र संयोजक रामस्वरूप मंत्री ने किसानों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि तौल में गड़बड़ी कर हर 50 किलो पर 2 किलो अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। साथ ही व्यापारी किसानों का करोड़ों रुपये लेकर फरार हो जाते हैं, लेकिन प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता।
प्रदेश सचिव रामकुमार सनोडिया ने बिजली विभाग की लापरवाही से फसलों में आग लगने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए नुकसान की भरपाई के लिए लागत का डेढ़ गुना मुआवजा देने की मांग की।
प्रदेश सचिव श्रीराम सेन ने कहा कि मध्यप्रदेश में मंडी बोर्ड के चुनाव शीघ्र कराए जाएं, ताकि वर्षों से जमे अधिकारियों की मनमानी पर रोक लग सके।
प्रदेश सचिव शत्रुघन यादव ने कहा कि ग्वालियर की भीतरवार मंडी में एम एस पी से कम दाम 2200 रूपये प्रति क्विंटल पर खरीद का विरोध कर रहे किसानों से तहसीलदार हरनाम सिंह द्वारा मारपीट की गई। पुलिस ने उल्टा किसानों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर भूपेंद्र रावत और अजय रावत को जेल भेज दिया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर की लक्षगंज गल्ला मंडी में 1000 किसानों का लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है, किसान आज भी भुगतान की मांग को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
सीधी-सिंगरौली क्षेत्र संयोजक निसार आलम अंसारी ने आरोप लगाया कि वर्षों से सरकारी जमीन पर बसे लोगों को तहसीलदार द्वारा मौखिक रूप से हटाने की धमकी दी जा रही है।
भा कि श्र जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सदस्य संदीप ठाकुर ने उपार्जन व्यवस्था में अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि स्लॉट बुकिंग में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा 50 किलो खाद की जगह 40 किलो ही दिया जा रहा है।
सिंगरौली जिला अध्यक्ष एड. अशोक पैगाम ने एनसीएल सुरक्षा कर्मियों द्वारा अन्नेलाल बैगा के साथ की गई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
विदिशा जिला अध्यक्ष राजेश तामेश्वरी ने सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया, जबकि प्रदेश सचिव विश्वजीत रतौनिया ने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले लगातार दबते जा रहे हैं।
सागर जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी ने औसत उपज में गिरावट को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि नकली खाद और कीटनाशकों के कारण मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पादकता प्रभावित हो रही है।
आमला तहसील अध्यक्ष दिनेश यदुवंशी ने 23 मई को आमला में आयोजित किसान-मजदूर पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर बैठकों के माध्यम से किसानों को संगठित किया जा रहा है।
प्रदेश सचिव भागवत परिहार ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा किसानों की उपज खरीदने की नहीं है और इसके लिए लगातार नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
बैठक में महाराष्ट्र से राष्ट्रीय सचिव माया ताई चौरे, मुंबई से नगर अध्यक्ष एड. विद्या नाईक, उत्तर प्रदेश से प्रदेश संयोजक रमेश यादव, छत्तीसगढ़ संयोजक दिलीप कौशिक, प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम काकोड़िया, अलीराजपुर जिला अध्यक्ष करणसिंह रावत, सतना जिला अध्यक्ष नंदलाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।






