दिल्ली हाई कोर्ट ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालती कार्यवाही से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश दिया है. अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य को नोटिस जारी किए. फेसबुक ने 13 अप्रैल की कार्यवाही के वीडियो हटाने की पुष्टि की है. हाई कोर्ट का मानना है कि इस तरह की पोस्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करती हैं. मामले में अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी.
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने याचिका की थी खारिज
इससे पहले दिल्ली HC की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार (20 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने आबकारी नीति मामले से संबंधित मामलों की सुनवाई से उन्हें अलग करने की मांग की थी.
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हमने मामले की योग्यता के आधार पर निर्णय लेना चुना’
जस्टिस स्वर्ण शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आवेदन की सुनवाई किए बिना खुद को सुनवाई से अलग करना आसान रास्ता होता, लेकिन संस्थागत अखंडता के हित में मामले की योग्यता के आधार पर निर्णय लेना चुना. उन्होंने आगे कहा कि उनके सामने मसला सिर्फ एक कानूनी प्रश्न नहीं था, बल्कि एक ऐसा मुद्दा था जो जज और संस्था दोनों को ‘परीक्षण’ पर रखता था.
‘न्यायिक प्रक्रिया का स्तर गिराने की किसी को इजाजत नहीं’
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात को दोहराते हुए कहा कि जब तक ठोस सबूतों से खंडन न हो जाए, न्यायाधीश की निष्पक्षता को मान लिया जाता है और किसी वादी की महज आशंका या व्यक्तिगत धारणा के आधार पर न्यायाधीश को मामले से अलग नहीं किया जा सकता. जस्टिस शर्मा ने ये भी कहा कि किसी वादी को ऐसी स्थिति पैदा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का स्तर गिरे.








