हनुमान जयंती पर दिल्ली की गलियां गूंजीं ‘जय श्री राम, जय बजरंगबली’ से

ऋषी तिवारी

नई दिल्ली। आज पूरे देश में हनुमान जयंती की धूम है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख और प्राचीन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बावजूद लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं के ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।

 

सुबह 4 बजे से लगने लगी थी कतारें

 

 

दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल कनॉट प्लेस स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर (स्वयंभू बाल हनुमान) में तो सुबह 4-5 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। इसी तरह, तुगलकाबाद गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भी सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु भगवान बालाजी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे थे। मंदिरों में सुबह से ही सुंदरकांड का जाप और पाठ शुरू कर दिया गया, जो दिनभर चलता रहा।

 

ध्वजारोहण का विशेष महत्व और पूजा विधि

 

इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों ने भक्तों को विशेष पूजा विधि अपनाने की जानकारी दी। पुजारियों ने बताया कि आज के दिन घरों और मंदिरों में हनुमान जी का ‘ध्वजारोहण’ किया जाता है, जो विजय का प्रतीक है।
ध्वजारोहण करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए: हनुमान जी को लाल सिंदूर का दान अवश्य करें।
उनके शरीर पर रोली और चंदन का लेप लगाएं। ध्वजारोहण के लिए पूरे ध्वज को रोली और चंदन से लपेटना अति शुभदायक माना जाता है।मंदिर में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने आज हनुमान जी को विशेष रूप से लड्डू और केले का प्रसाद चढ़ाया है। भक्तों का मानना है कि शक्ति के देवता बजरंगबली सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

 

 

मरघट वाले बाबा और पत्थर वाले बाबा के मंदिरों में भी उमड़ी भीड़

 

 

दिल्ली के केवल इन दो मंदिरों तक सीमित नहीं रहा। यमुना बाजार स्थित ‘श्री मरघट वाले बाबा हनुमान मंदिर’ के बाहर भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई। वहीं, चांदनी चौक स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ मंदिर (श्री नृसिंह जी व सिद्ध हनुमान जी) और ‘पत्थर वाले बाबा’ के मंदिर में भी दिल्ली-एनसीआर से आए हजारों भक्तों ने दर्शन किए।

 

 

ऐतिहासिक विरासत और सुरक्षा व्यवस्था

 

बता दें कि कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर का ऐतिहासिक महत्व काफी प्राचीन है। यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ माना जाता है और यहां स्थापित मूर्ति ‘स्वयंभू’ (अपने आप प्रकट हुई) है, जिस कारण यहां भक्तों की आस्था और भी गहरी है। इस बीच, भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी प्रमुख मंदिरों के परिसर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है और सीसीटीवी कैमरों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

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