लोगों को डरा धमकाकर ज्यादा दिन नहीं चलाई जा सकती है सरकार!
सब कुछ टी ठीक है तो फिर एलपीजी के लिए लंबी लंबी लाइनें क्यों? होटल ढाबे बंद क्यों ?
चरण सिंह
आखिर लोगों को डरा-धमका कर ज्यादा दिन सत्ता नहीं चलाई जा सकती है ? यह बात मोदी सरकार की समझ में नहीं आ रही है। मोदी सरकार डर का माहौल बनाकर अपनी खामियों को लगातार छिपा रही है। जिसके चलते देश में बड़ा संकट गहरा गया है। खाड़ी युद्ध के समय सबसे अधिक दिक्कत हमारे देश में पैदा हो गई है। यह सरकार की विफल विदेश नीति के चलते हुआ है। देश में गैस का बड़ा संकट पैदा हो गया है और सरकार लोगों को राहत देने के बजाय डराने धमकाने लगी है।
स्थिति यह है कि भारत में कमर्शियल गैस के साथ ही घरेलु गैस की भी बड़ी किल्लत पैदा हो गई है। होटल और ढाबे वाले अपना कारोबार बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं तो कितने छोटे मोटे काम ठप्प पड़ गए हैं। एलपीजी के लिए लंबी लम्बी लाइने लग रही है। बुकिंग के कई कई दिन तक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं पर सरकार लोगों को राहत पहुंचाने की जगह अफवाह फ़ैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कर रही है।
मतलब सरकार इस संकट के दौर में भी लोगों को डरा रही है। जरा जरा सी बात पर ज्ञान देने वाले प्रधानमंत्री चुप हैं। जबकि ऐसे समय उनको लोगों को फेस करते हुए स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मोदी सरकार ने अपने काम में सुधार करने के बजाय सरकार पर ऊँगली उठाने वालों पर सख्ती बरती है, जिसके चलते सरकार की मनमानी लगातार बढ़ी है।
सरकार लोगों को यह नहीं बता रही है कि ईरान से युद्ध की आशंका के समय मोदी सरकार ने गैस और तेल का भंडार क्यों नहीं रखा ? मोदी ईरान पर हमले के एक दिन पहले इजरायल क्या करने गए थे ? उसने अमेरिका के सामने घुटने क्यों टेके हैं ? रूस से तेल खरीदना क्यों बंद किया है ? रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की अनुमति की क्यों लेनी पड़ रही है ? युद्ध से एक दिन पहले इजरायल क्या करने गए थे ? ईरान को क्यों नाराज कर दिया ? मतलब जहां हिम्मत दिखानी चाहिए वहां घुटने टेक रहे हैं और जनता को राहत देने के बजाय डरा-धमका रहे हैं। यदि सब कुछ ठीक है तो फिर एलपीजी के लिए लम्बी-लम्बी लाइन क्यों लग रही है ? लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं ?
सरकार की बेशर्मी देखिये कि लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एलपीजी की किसी किल्लत से इंकार कर दिया। यदि एलपीजी की कमी नहीं है तो फिर होटल और ढाबा संचालक कारोबार चलाना मुश्किल क्यों बता रहे हैं ? लोग यह क्यों कह रहे हैं कि सिलेंडर बुक करे हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा है।








